किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में नर्सिंग ऑफिसरों के लिए हाल ही में लागू किए गए नए नियमों ने विवाद खड़ा कर दिया है। ताज़ा दिशा-निर्देशों के मुताबिक नर्सिंग ऑफिसरों को ड्यूटी के दौरान नेल पॉलिश लगाने, भारी या महंगे गहने पहनने पर रोक लगा दी गई है।
इसका विरोध करते हुए नर्सिंग एसोसिएशन ने कुलपति (वीसी) को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है। एसोसिएशन का कहना है कि नर्सिंग पेशेवर पहले से ही संक्रमण नियंत्रण और एथिक्स के तहत नाखून न बढ़ाने, हाथों में गहने-घड़ी न पहनने, नेल पेंट व मेहंदी से परहेज़ और बाल बांधकर रखने जैसे नियमों का पालन करते आ रहे हैं। ऐसे में नए नियम का औचित्य स्पष्ट नहीं है।
किस शोध के आधार पर लागू हुये नियम
नर्सिंग संघ ने पत्र में सवाल उठाया है कि प्रशासन ने किस शोध या आधार पर केवल इसी बिंदु को संशोधित कर नियम लागू किया, जबकि पिछले आठ महीनों से नर्सिंग मैनुअल में छुट्टी, वर्किंग ऑवर और व्यक्तिगत साज-सज्जा से जुड़े तीन बिंदुओं पर संशोधन का अनुरोध लंबित था।
डॉक्टरों, रेजीडेंट्स, पैरामेडिकल और अन्य कर्मचारियों पर भी लागू होगा
एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि प्रशासन स्पष्ट करे कि यह नियम केवल नर्सिंग स्टाफ पर लागू होगा या डॉक्टरों, रेजीडेंट्स, पैरामेडिकल और अन्य कर्मचारियों पर भी। नर्सिंग एसोसिएशन का कहना है कि अक्सर डॉक्टर खुले बालों के साथ ऑपरेशन थिएटर तक में प्रवेश कर जाते हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। “नियम सभी के लिए समान होने चाहिए,” पत्र में कहा गया है।
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