सोना पहुंचेगा तीन लाख के पार! जानिए गोल्ड की अगली बड़ी चाल

नई दिल्ली, NIA संवाददाता।

सोना सिर्फ पीली धातु नहीं, बल्कि भारतीय परिवारों की बचत, परंपरा और निवेश का ऐसा हिस्सा है जिसकी कीमत बढ़ते ही हर किसी की नजर बाजार पर टिक जाती है। अब सवाल यह है कि क्या आने वाले वर्षों में यही सोना ₹3 लाख प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार कर सकता है?

मौजूदा बाजार भाव को देखें तो यह सवाल महज कल्पना नहीं रह गया है। 22 सितंबर 2026 को भारत में 24 कैरेट सोने का भाव अलग-अलग स्रोतों के अनुसार लगभग ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। यानी ₹3 लाख का स्तर मौजूदा कीमत से करीब दोगुना होगा।

$10,000 का गोल्ड अनुमान क्यों चर्चा में है?

सोने को लेकर सबसे बड़ी चर्चा उस समय शुरू हुई जब जेफरीज के रणनीतिकार क्रिस वुड ने लंबी अवधि में सोने के $10,000 प्रति आउंस तक पहुंचने की संभावना बताई। Moneycontrol की 17 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, वुड का मानना है कि अगर अमेरिका अपनी ट्रेजरी यील्ड को दबाने या नियंत्रित करने की दिशा में जाता है और इसके परिणामस्वरूप डॉलर पर दबाव आता है, तो सोने की कीमत में बहुत बड़ी तेजी संभव है। उन्होंने $10,000 प्रति आउंस को संभव बताया है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि $10,000 कोई निश्चित भविष्यवाणी या गारंटीड लक्ष्य नहीं है, बल्कि एक दीर्घकालिक परिदृश्य है।

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अगर सोना $10,000 हुआ तो भारत में क्या होगा?

यह गणित सबसे ज्यादा दिलचस्प है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $10,000 प्रति आउंस पहुंचता है और डॉलर-रुपया दर लगभग ₹96 के आसपास रहता है, तो केवल मुद्रा रूपांतरण के आधार पर एक आउंस की कीमत करीब ₹9.60 लाख बैठेगी। मगर भारत में सोने की वास्तविक कीमत सिर्फ डॉलर-रुपया गणित से तय नहीं होती। इसमें अंतरराष्ट्रीय कीमत, आयात शुल्क, टैक्स, स्थानीय प्रीमियम/डिस्काउंट और बाजार की परिस्थितियां भी शामिल होती हैं। इसलिए $10,000 प्रति आउंस की स्थिति में ₹3 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास या उससे ऊपर का घरेलू भाव संभव हो सकता है, लेकिन वास्तविक कीमत उस समय की डॉलर-रुपया दर और भारतीय बाजार के अन्य घटकों पर निर्भर करेगी।

त्योहारी सीजन से मिल सकता है सपोर्ट

सोने की कीमत के लिए अब घरेलू मांग भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। भारत में त्योहारी और शादी का सीजन धीरे-धीरे जोर पकड़ रहा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सितंबर 2026 के आकलन के मुताबिक, त्योहारी और शादी का सीजन आगे बढ़ने के साथ भारत में गोल्ड डिमांड में सुधार की उम्मीद है। हालांकि ऊंची कीमतें सामान्य ज्वेलरी खरीद की मात्रा पर दबाव डाल सकती हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, भारतीय बाजार में शादी और त्योहारों से जुड़ी खरीदारी अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है, महंगे सोने के कारण ग्राहक हल्के वजन की ज्वेलरी, कम कैरेट के विकल्प और पुराने सोने के एक्सचेंज की ओर भी बढ़ रहे हैं। यानी कीमत बढ़ने के बावजूद मांग खत्म नहीं हो रही, बल्कि खरीदारी का तरीका बदल रहा है।

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रास्ता सीधा ऊपर नहीं होगा

सोने के निवेशकों को एक बात याद रखनी चाहिए, गोल्ड की कीमत हमेशा सीधी रेखा में ऊपर नहीं जाती। 22 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड लगभग $4,319 प्रति आउंस तक आया और ऊंची अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीदों ने सोने पर दबाव डाला। Reuters के मुताबिक, ऊंची ब्याज दरें सोने के आकर्षण को कम कर सकती हैं क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता, जबकि बॉन्ड जैसे विकल्प यील्ड प्रदान करते हैं।

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