देश की प्रमुख दोपहिया वाहन कंपनियों में शामिल रॉयल एनफील्ड इस साल अपनी स्थापना के 125 साल पूरे कर रही है। कंपनी इस खास मौके को बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी में है। इसके तहत 20 सितंबर 2026 को दुनिया भर में ‘वन राइड 2026’ का आयोजन किया जाएगा।
कंपनी के मुताबिक, इस दिन 60 से ज्यादा देशों में 1,600 से अधिक राइड्स आयोजित की जाएंगी। खास बात यह है कि इस बार रॉयल एनफील्ड ने अपने इस लोकप्रिय बाइकिंग इवेंट को हिमालय और स्नो लेपर्ड संरक्षण से जोड़ा है।
हर राइडर के नाम पर स्नो लेपर्ड संरक्षण में योगदान
रॉयल एनफील्ड के अनुसार, वन राइड 2026 में शामिल होने वाले हर राइडर की भागीदारी के आधार पर कंपनी स्नो लेपर्ड संरक्षण के लिए योगदान करेगी। यानी इस बार राइडर्स केवल बाइक राइड का हिस्सा नहीं बनेंगे, बल्कि उनके नाम से हिमालयी वन्यजीव संरक्षण अभियान को भी समर्थन मिलेगा। कंपनी का कहना है कि इसका उद्देश्य बाइकिंग कम्युनिटी को पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ना है।
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मुंबई से मैड्रिड तक एक साथ राइड
वन राइड रॉयल एनफील्ड का वैश्विक मोटरसाइकिलिंग कार्यक्रम है। इसमें अलग-अलग देशों के रॉयल एनफील्ड राइडर्स एक साथ बाइक राइड करते हैं। इस साल मुंबई, मैड्रिड, साओ पाउलो और सिडनी सहित दुनिया के कई शहरों में राइड आयोजित की जाएगी। कंपनी के मुताबिक, इसका उद्देश्य अलग-अलग देशों के बाइकर्स को एक साझा अनुभव के जरिए जोड़ना है।
पिछले साल 53 हजार से ज्यादा राइडर्स हुए थे शामिल
रॉयल एनफील्ड ने 2025 में आयोजित वन राइड में 53,000 से अधिक राइडर्स की भागीदारी दर्ज की थी। इस बार कंपनी ने 125वीं वर्षगांठ को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की है। ऐसे में इस वर्ष भाग लेने वाले राइडर्स की संख्या पिछले साल से अधिक रहने की उम्मीद है।
हिमालय से रॉयल एनफील्ड का पुराना नाता
रॉयल एनफील्ड की मोटरसाइकिलों का हिमालयी राइडिंग से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। देश और विदेश के बाइकर्स बड़ी संख्या में रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिलों से हिमालय की यात्राएं करते हैं। कंपनी ने इसी जुड़ाव को इस बार संरक्षण अभियान से जोड़ने का फैसला किया है। वन राइड 2026 के जरिए कंपनी हिमालय में पाए जाने वाले स्नो लेपर्ड और उसके प्राकृतिक आवास के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करेगी।
भारत में करीब 718 स्नो लेपर्ड
भारत में स्नो लेपर्ड की संख्या करीब 718 बताई गई है। यह वन्यजीव मुख्य रूप से ऊंचाई वाले हिमालयी इलाकों में पाया जाता है। हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, उत्तराखंड, सिक्किम और जम्मू-कश्मीर इसके प्रमुख आवास वाले क्षेत्र हैं। स्नो लेपर्ड हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके संरक्षण को पहाड़ी क्षेत्र के प्राकृतिक संतुलन से भी जोड़कर देखा जाता है।
10,500 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा क्षेत्र में संरक्षण कार्य
रॉयल एनफील्ड का कहना है कि वह अपने सोशल मिशन के तहत स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर स्नो लेपर्ड संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम चला रही है। कंपनी के मुताबिक, ये कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, उत्तराखंड, सिक्किम और जम्मू-कश्मीर में 10,500 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा क्षेत्र में चल रहे हैं। वन राइड 2026 के माध्यम से कंपनी इन गतिविधियों के लिए समर्थन बढ़ाने और ज्यादा लोगों को संरक्षण अभियान से जोड़ने की कोशिश करेगी।
क्या बोले रॉयल एनफील्ड के अधिकारी?
रॉयल एनफील्ड के ब्रांड और स्ट्रेटजी प्रेसिडेंट मोहित धर जयाल ने कहा कि हिमालय कंपनी से जुड़े राइडर्स के लिए बेहद खास जगह है।उन्होंने कहा कि राइडर्स के लिए हिमालय जहां बाइकिंग का प्रमुख गंतव्य है, वहीं स्नो लेपर्ड के लिए यही उसका प्राकृतिक घर है। उनके मुताबिक, कंपनी की 125वीं वर्षगांठ के मौके पर वन राइड के जरिए दुनिया भर के राइडर्स को एक साथ लाने के साथ हिमालय के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
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एक नजर में
कंपनी: रॉयल एनफील्ड
कार्यक्रम: वन राइड 2026
तारीख: 20 सितंबर 2026
देश: 60 से अधिक
राइड्स: 1,600 से अधिक
पिछले साल भागीदारी: 53,000+ राइडर्स
मुख्य मुद्दा:स्नो लेपर्ड और हिमालय संरक्षण
भारत में स्नो लेपर्ड: करीब 718
संरक्षण क्षेत्र: 10,500 वर्ग किमी से अधिक


