अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुए समझौते के तहत रूस वैश्विक बाजार में बड़ी मात्रा में डीजल जारी करेगा। ट्रंप के मुताबिक, इस समझौते के तहत पहले चरण में तीन लाख टन डीजल जारी करने पर सहमति बनी है। इसके बाद नवंबर में पांच लाख टन और आगे दस लाख टन डीजल बाजार में लाने की योजना है। हालांकि, इन दावों और आपूर्ति की समयसीमा की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर उम्मीद जताई कि इस कदम से अमेरिका समेत दुनिया के अन्य देशों में डीजल की कीमतों में गिरावट आ सकती है। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस को राहत देने के किसी भी कदम का विरोध करते हुए कहा कि इससे मॉस्को को युद्ध जारी रखने के लिए आर्थिक मदद मिल सकती है।
डीजल की कीमतों पर दबाव, ट्रंप की बढ़ी चिंता
अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतें सरकार के लिए आर्थिक और राजनीतिक चुनौती बनी हुई हैं। खबर में दिए गए अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) के आंकड़ों के अनुसार, डीजल की औसत कीमत 6.28 डॉलर प्रति गैलन बताई गई है, जबकि सितंबर के अंत में यह 6.53 डॉलर प्रति गैलन के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थी। इन आंकड़ों की संबंधित तारीख के साथ दोबारा पुष्टि की जानी चाहिए।
ट्रंप प्रशासन का प्रयास है कि बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ाकर कीमतों पर दबाव कम किया जाए। हालांकि, रूस से डीजल की आपूर्ति शुरू होने के बावजूद अमेरिकी उपभोक्ताओं को कितनी राहत मिलेगी, यह कई कारकों पर निर्भर करेगा।
रूस को राहत देने पर जेलेंस्की की आपत्ति
रूस और अमेरिका के बीच डीजल को लेकर हुए कथित समझौते पर यूक्रेन ने कड़ी आपत्ति जताई है। जेलेंस्की का तर्क है कि रूस को पेट्रोलियम उत्पाद बेचने की अनुमति देने से उसकी आर्थिक स्थिति को सहारा मिल सकता है और यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध लंबा खिंच सकता है।
यह भी पढ़ें : CCTV कैमरा लगाने से पहले पढ़ लें ये खबर! सुरक्षा के चक्कर में पड़ोसी की निजता हुई रिकॉर्ड तो बन सकती है मुसीबत
जेलेंस्की ने कहा कि रूस को ऊर्जा उत्पाद बेचने की अनुमति देना ऐसे युद्ध में निवेश करने जैसा है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, रूसी राष्ट्रपति के दूत किरिल दिमित्रीव ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में रूस-अमेरिका का सहयोग दुनिया के लिए फायदेमंद हो सकता है।
इस तरह, एक ओर अमेरिका ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी ओर यूक्रेन इस आशंका को लेकर चिंतित है कि रूस को मिलने वाली आर्थिक राहत युद्ध की स्थिति को प्रभावित कर सकती है।
रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों का भी असर
रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण रूस की कुछ तेल रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचा है। इससे रूस में ईंधन उत्पादन और आपूर्ति पर दबाव पड़ने की बात कही गई है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के हवाले से डीजल उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत गिरावट का अनुमान भी दिया गया है, जिसकी मूल रिपोर्ट से पुष्टि आवश्यक है।
ट्रंप ने रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमलों की आलोचना की है और उन्हें ईंधन की बढ़ती कीमतों से जोड़ा है। वहीं, जेलेंस्की ने इन हमलों को रूस की ओर से यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों की प्रतिक्रिया बताया है। यूक्रेन का कहना है कि यदि रूस उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना नहीं बनाता, तो रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले करने की नौबत नहीं आती। दोनों पक्षों के इन परस्पर विरोधी दावों के बीच ऊर्जा आपूर्ति और युद्ध का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अहम बना हुआ है।
ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर के पार, सस्ता होगा डीजल !
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी ईंधन की लागत को प्रभावित करती हैं। खबर में ब्रेंट क्रूड का भाव 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बताया गया है, जबकि ईरान के साथ युद्ध शुरू होने से पहले इसका भाव करीब 73 डॉलर प्रति बैरल था। इन कीमतों की समयानुसार पुष्टि जरूरी है।
यह भी पढ़ें : सावधान! आज इन जिलों में बारिश-आंधी
डीजल की कीमत केवल उपलब्ध ईंधन की मात्रा से तय नहीं होती। कच्चे तेल के दाम, रिफाइनिंग लागत, परिवहन, बीमा, कर, प्रतिबंध और बाजार की मांग भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए रूस से अतिरिक्त डीजल आने पर भी कीमतों में तत्काल या बड़ी गिरावट की गारंटी नहीं दी जा सकती।
अमेरिका की ओर से अन्य कदम भी
ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण पाने के लिए ट्रंप प्रशासन अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। खबर के अनुसार, ट्रंप ने गैसोलीन पर संघीय कर निलंबित करने की संभावना जताई है और कुछ परिस्थितियों में तथाकथित रेड डीजल के इस्तेमाल से जुड़े नियमों में राहत देने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने जैसे कदमों के जरिए भी आपूर्ति संबंधी चिंताओं को कम करने का प्रयास किया गया है। हालांकि, रूस से डीजल की कथित डील के बदले अमेरिका क्या रियायत देगा और इस व्यवस्था की शर्तें क्या होंगी, यह स्पष्ट होना बाकी है।
यह भी पढ़ें : सरकार व्यापारियों को देगी क्रेडिट कार्ड, जानें कैसे और क्यो

