उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पारा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित डेयरियों के खिलाफ नगर निगम ने गुरुवार को फिर अभियान चलाया। मोहान रोड और काकोरी मोड़ के आसपास के इलाकों में कार्रवाई के दौरान नगर निगम की कैटल कैचर टीम के साथ तीन थानों की पुलिस, एक कंपनी पीएसी और एन्क्रोचमेंट टास्क फोर्स (ETF) के जवान तैनात रहे।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नगर निगम की टीम ने पारा पिंक सिटी, बुद्धेश्वर विहार और गद्दियाना समेत कई इलाकों में अभियान चलाया। इसके बाद काकोरी मोड़ के पास नरौना गांव और महाम सिटी में भी कार्रवाई की गई। अभियान में तैनात पुलिसकर्मी हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे। नगर निगम की टीम ने मौके पर मिली भैंसों को पकड़कर उन्हें निर्धारित स्थान पर भेजने की कार्रवाई शुरू की।
हमले के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
नगर निगम की यह कार्रवाई 16 अगस्त को अभियान के दौरान टीम पर हुए हमले के बाद तेज हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, अवैध डेयरी संचालकों से जुड़े लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए टीम पर ईंट-पत्थर और भैंस बांधने वाली लोहे की चेन से हमला किया था। इस घटना में एक दरोगा घायल हुए थे और उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। इसके बाद नगर निगम और पुलिस ने कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बढ़ा दी। मंगलवार को भी पारा इलाके में इसी तरह का अभियान चलाया गया था। उस दौरान नगर निगम ने 200 से अधिक भैंसों को पकड़कर ठाकुरगंज स्थित कांजी हाउस भेजा था।
कार्रवाई की सूचना पर पशु छिपाने की कोशिश
अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कई डेयरी संचालकों ने अपने पशुओं को हटाना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने भैंसों को घरों के अंदर बांध दिया, जबकि कुछ ने उन्हें सुनसान स्थानों पर छिपा दिया। सलेमपुर पतोरा गांव में कुछ लोगों ने भैंसों को जलकुंभी और कीचड़ से भरे तालाब में हांक दिया। सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीम वहां पहुंची और काफी मशक्कत के बाद पशुओं को बाहर निकलवाया।
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सुबह छह बजे से चला अभियान
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि मंगलवार की कार्रवाई के बाद कई अवैध डेयरी संचालकों ने ट्रकों के जरिए अपने पशुओं को दूसरे स्थानों पर भेज दिया था। उन्होंने बताया कि गुरुवार को सुबह करीब छह बजे से अभियान शुरू किया गया।
अधिकारी के अनुसार, सुबह 8:30 बजे तक टीम को करीब 10 भैंसें मिली थीं। अभियान के आगे बढ़ने के साथ अन्य इलाकों में भी पशुओं की तलाश की जा रही थी। नगर निगम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य पारा क्षेत्र में अवैध डेयरियों के संचालन पर रोक लगाना और सार्वजनिक स्थानों पर पशुओं के कारण पैदा होने वाली समस्याओं को नियंत्रित करना है।
यहां कब पड़ेगी नजर
नगर निगम जोन सात के तहत आने वाले मानस सिटी के छोर कुकरैल रास्ते में संचालित अवैध डेयरियों पर आखिर कब नजर पड़ेगी। यहां पर संचालित पशुओं की अवैध डेयरी से लोग परेशान हैं।
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