राहुल गांधी के विवादित बयान पर संभल कोर्ट में अगली सुनवाई 26 सितंबर को, वाराणसी में भी जारी मामला

संभल/वाराणसी, एनआईए संवाददाता। 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इन दिनों एक बार फिर कानूनी मामलों में घिर गए हैं। उत्तर प्रदेश के संभल और वाराणसी की अदालतों में उनके बयानों को लेकर सुनवाई जारी है। संभल की अदालत ने सोमवार को मामले की अगली सुनवाई की तारीख 26 सितंबर तय की है। वहीं, वाराणसी की एमपी/एमएलए कोर्ट में चार सितंबर को सुनवाई होगी।

संभल केस : ‘इंडिया स्टेट’ वाला बयान

याचिकाकर्ता हिंदू शक्ति दल के अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने आरोप लगाया है कि 15 जनवरी को दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय के उद्घाटन के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि “हमारी लड़ाई सिर्फ भाजपा और आरएसएस से नहीं, बल्कि इंडिया स्टेट (भारत सरकार) से है। गुप्ता ने कहा कि यह बयान देश और लोकतंत्र का अपमान है और इससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। शिकायतकर्ता ने पहले जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया था, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने 23 जनवरी को अदालत का दरवाजा खटखटाया।

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सोमवार को एडीजे-द्वितीय आरती फौजदार की अदालत ने सुनवाई की, लेकिन निचली अदालत से रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण अगली तारीख 26 सितंबर तय कर दी। राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सगीर सैफी ने पैरवी की।

वाराणसी केस : अमेरिका दौरे वाला बयान

वाराणसी की एमपी/एमएलए कोर्ट में भी राहुल गांधी के खिलाफ मामला चल रहा है। यह मामला उनके अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए एक कथित बयान को लेकर है, जिसमें उन्होंने सिख समुदाय पर टिप्पणी की थी।

इस मामले में याचिका तिलमापुर निवासी नागेश्वर मिश्रा ने दायर की थी। पहले इसे न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) की अदालत ने खारिज कर दिया था, लेकिन बाद में सत्र न्यायालय ने 21 जुलाई को निगरानी याचिका स्वीकार कर ली। अब कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 4 सितंबर तय की है। राहुल गांधी की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव ने आपत्ति पत्र दाखिल किया है। अब इस पर जवाब 4 सितंबर को पेश किया जाएगा।

कानूनी मुश्किलों से घिरे राहुल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तर प्रदेश की अलग-अलग अदालतों में कई मामले लंबित हैं। एक ओर उनके राजनीतिक बयान अदालत की चौखट तक पहुंचे हैं, तो दूसरी ओर विरोधियों का आरोप है कि वे बार-बार संवेदनशील मुद्दों पर विवादास्पद टिप्पणियां करते हैं। कुल मिलाकर, राहुल गांधी के बयानों ने उन्हें एक बार फिर कानूनी मोर्चे पर घेर लिया है। अब सबकी निगाहें 4 सितंबर (वाराणसी) और 26 सितंबर (संभल) की सुनवाई पर टिकी रहेंगी।

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