साइक्लोमेड फिट इंडिया के संस्थापक ने नसबंदी, टीकाकरण और आश्रय स्थलों की ज़रूरत पर दिया जोर

मेरठ/लखनऊ एनआईए संवाददाता। 
मेरठ कुत्ते मानव समाज और पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं। वे वफ़ादार साथी होने के साथ-साथ सुरक्षा और संतुलन में भी योगदान देते हैं। लेकिन वर्तमान समय में बड़ी संख्या में कुत्ते भूख, बीमारियों और आश्रय की कमी से जूझ रहे हैं। यह न केवल पशु कल्याण बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चुनौती बन चुका है।

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साइक्लोमेड फिट इंडिया के संस्थापक डॉ. अनिल नौसरान ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज और प्रशासन से मिलकर ठोस कदम उठाने की अपील की।

उन्होंने चार मुख्य सुझाव दिए

आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने हेतु नसबंदी कार्यक्रम।

बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित टीकाकरण अभियान।

घायल और बीमार कुत्तों के लिए नि:शुल्क उपचार शिविर।

आवारा कुत्तों के लिए सुरक्षित व स्वच्छ आश्रय स्थलों की स्थापना।

डॉ. नौसरान ने कहा, “कुत्तों की देखभाल केवल दया का कार्य नहीं है, बल्कि यह हमारी संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतिबिंब है। यदि हम उनके लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करते हैं तो इससे मानव समाज को भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।”

उन्होंने सरकार एवं स्थानीय निकायों से आवारा कुत्तों की देखभाल और नियंत्रण के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

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