टोक्यो,एनआईए डेस्क।।
भारत की समृद्ध संस्कृति और कला की वैश्विक स्वीकार्यता का सशक्त उदाहरण बनकर, टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास ने “इंडिया अर्थात भारत 2025 अमृतकाल का उत्सव” के अंतर्गत 12 घंटे लंबा सांस्कृतिक महाकुंभ आयोजित किया। यह आयोजन भारत की शास्त्रीय, लोक और युद्ध कलाओं का प्रभावशाली मंच बना, जिसने भारतीय सॉफ्ट पावर की ताकत को अंतरराष्ट्रीय धरातल पर रेखांकित किया।
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संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कार्यक्रम का वर्चुअल उद्घाटन किया, जिसमें एडोगावा शहर के महापौर ताकेशी सैतो, भारतीय राजदूत सिबी जॉर्ज और मैडम जोइस सिबी की उपस्थिति रही। सभी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर भारत-जापान सांस्कृतिक रिश्तों का प्रतीकात्मक आरंभ किया।
प्रमुख प्रस्तुति
- शास्त्रीय नृत्य:
- कथक: मासाको सातो ग्रुप
- भरतनाट्यम: सान्या-शुभ्रा युगल और एरिना कसाई का एकल
- ओडिसी: योको किता, मयूमी फुकुशिमा, सचिको इतो
- संगीत:
- तबला-सितार जुगलबंदी: शिगेरु मोरियामा और अकीको कोकुबो
- तबला एकल: मोरियामा ग्रुप
- गायन: धर्मराजन ग्रुप
- रवींद्र संगीत: सुरंजना सरकार
- लोक कलाएं और युद्ध कला:
- राजस्थानी नृत्य: अवध रिदम व एमबीडीएस ग्रुप
- बंगाली लोक: देबप्रिया मजूमदार
- कलारीपयट्टू: निधीश करिम्बिल ग्रुप
- असम का प्रदर्शन: बोर्डोइसिलास ग्रुप
- भांगड़ा: राहुल भारती ग्रुप
- यक्षगान: श्रीकला बोललाजे
- पंजाबी धुनें: अयाको सेकिमोटो का चारिका ग्रुप
अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
यह महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक गहराई को दर्शाने के साथ-साथ विदेशों में उसकी बढ़ती सॉफ्ट पावर का भी प्रतीक बना। जापान में भारतीय कला और संस्कृति की इस भव्य प्रस्तुति ने स्थानीय दर्शकों को भारतीय मूल्यों, विविधताओं और सौंदर्य से परिचित कराया।
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