जनसत्ता दल लोकतांत्रिक की वार्षिक बैठक रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें सर्वसम्मति से एक बार फिर रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। इस घोषणा के साथ ही राजा भैया ने आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों और 2027 के विधानसभा चुनावों को अकेले लड़ने का बड़ा ऐलान किया, जिससे प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
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बैठक में पार्टी के सभी प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने राजा भैया के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास जताते हुए उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर खुशी व्यक्त की। इस अवसर पर राजा भैया ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जनसत्ता दल लोकतांत्रिक सदैव जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करता रहेगा।
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उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी अपने दम पर चुनावी मैदान में उतरेगी और किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।राजा भैया के इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर, जहां अब तक विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही थीं।
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जनसत्ता दल लोकतांत्रिक का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि पार्टी अपनी स्वतंत्र पहचान और जनाधार को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक अपनी पूरी ताकत से उतरेगा। राजा भैया ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अभी से तैयारियों में जुट जाएं और घर-घर जाकर पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों से लोगों को अवगत कराएं। इस घोषणा से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई हलचल मच गई है और यह देखना दिलचस्प होगा कि जनसत्ता दल लोकतांत्रिक का “एकला चलो” का नारा चुनावी रण में कितना सफल हो पाता है।
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