रामगंगा विहार स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में शनिवार को पर्यूषण पर्व का शुभारंभ धार्मिक उल्लास और भक्तिभाव के साथ हुआ। पर्व के पहले दिन उत्तम क्षमा धर्म का आयोजन अत्यंत श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ।
इस अवसर पर अभिषेक व शान्तिधारा का सौभाग्य श्री संदीप जैन–नितिन जैन परिवार तथा श्रीमती सरोज जैन–राजीव जैन–नवीन जैन परिवार (गोकुल विहार) को प्राप्त हुआ। इस मौके पर संदीप जैन, अंजू जैन, श्रीमती मिथिलेश जैन, अखिल जैन, रजनी जैन, राहुल–स्मिता जैन तथा श्री मुकुल जैन–चीना जैन मौजूद रहे।
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रात्रिकालीन कार्यक्रम में नीरज जैन शास्त्री जी ने क्षमा धर्म पर विस्तृत प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि क्षमा आत्मा का स्वभाव है, किंतु क्रोध और कषाय इसके प्रकट होने में बाधा डालते हैं। क्षमा कोई बाहरी अभ्यास नहीं, बल्कि आत्मा का शाश्वत गुण है। जैसे शक्कर से मिठास को अलग नहीं किया जा सकता, वैसे ही आत्मा से क्षमा को अलग नहीं किया जा सकता।”
भक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ भक्ति नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं। जैन भजनों पर आधारित अंताक्षरी प्रतियोगिता में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। प्रमुख उपस्थितजनों में संदीप जैन (अध्यक्ष), डॉ. पवन कुमार जैन, सर्वोदय जैन, सजल जैन, नीरज जैन, अनुज जैन, अजय जैन, श्रीमती उषा जैन (अध्यक्ष), श्रीमती अलका जैन, श्रीमती रजनी जैन, श्रीमती ऋतु जैन, श्रीमती सुषमा जैन, श्रीमती रुक्मणी जैन एवं श्रीमती आभा जैन सहित अनेक श्रद्धालु सम्मिलित हुए।
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