Ranchi RSS Office Attack: लखनऊ में बड़े धमाके की थी तैयारी; पाकिस्तानी हैंडलर का दावा

रांची, NIA संवाददाता।

रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ के दौरान बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने दावा किया है कि रांची में घटना को अंजाम देने के बाद लखनऊ में भी एक बड़ी वारदात की योजना बनाई गई थी। पुलिस इस दावे और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अमन अंसारी ने पूछताछ में बताया कि वह और उसके साथी कथित तौर पर विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे। वीडियो कॉल और सोशल मीडिया के जरिए उन्हें निर्देश दिए जा रहे थे। आरोप है कि रांची में हमला करने के बाद उन्हें कानपुर होते हुए लखनऊ पहुंचना था, जहां एक और बड़ा टास्क दिया जाना था।

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रांची हमले के बाद लखनऊ जाने की थी योजना

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने बताया कि 17 जून को आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के बाद वह अपने साथी के साथ कानपुर के लिए रवाना हुआ था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों को कोडरमा के पास गिरफ्तार कर लिया, जिससे कथित साजिश आगे नहीं बढ़ सकी।

मोबाइल पर भेजी गई थी लोकेशन

जांच एजेंसियों का दावा है कि संदिग्धों के मोबाइल पर रांची स्थित संघ कार्यालय की तस्वीर और लोकेशन भेजी गई थी। इसके आधार पर घटना को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी। डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है।

हमले के बदले पैसों का लालच

पूछताछ में आरोपी ने यह भी दावा किया कि घटना को अंजाम देने के बदले आर्थिक लाभ का आश्वासन दिया गया था। जांच एजेंसियां बैंक लेनदेन, ऑनलाइन भुगतान और अन्य डिजिटल कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं।

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सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंचने का आरोप

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, कथित हैंडलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं से संपर्क कर उन्हें प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि ऑनलाइन नेटवर्किंग और डिजिटल कम्युनिकेशन का इस्तेमाल किस तरह किया गया।

कई राज्यों में जांच एजेंसियों की नजर

जांच अधिकारियों के अनुसार, इस मामले के तार कई राज्यों से जुड़ सकते हैं। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय से डिजिटल डाटा, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।

लोहरदगा में ATS और पुलिस की कार्रवाई

मामले की जांच के तहत स्थानीय पुलिस और एटीएस की टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई तथा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई।

जांच अभी जारी

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है। पूछताछ में सामने आए दावों और डिजिटल साक्ष्यों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और कथित साजिश की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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