जब शुद्ध भाव बढ़ता है तभी भगवान की प्राप्ति होती है: अर्द्धमौनी
मुरादाबाद, एनआईए संवाददाता। पंचायती मन्दिर, नबाबपुरा में श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस आचार्य धीरशान्त अर्द्धमौनी ने बताया कि नित्य वस्तु के लिये अनित्य वस्तु का त्याग कर देना चाहिये, लेकिन असत्य के लिये सत्य वस्तु का त्याग नहीं करना चाहिये। भगवान श्रीराम चरित मानस का सुन्दर वर्णन करते हुए समझाया कि धीरता, वीरता, गम्भीरता-यह तीन […]
जब शुद्ध भाव बढ़ता है तभी भगवान की प्राप्ति होती है: अर्द्धमौनी Read More »
UTTAR PRADESH









