ग्राउंड रिपोर्ट: लखनऊ में क्रिकेट अकादमियों की ‘बाढ़’… सपनों का खेल या फीस का कारोबार?

लखनऊ, NIA संवाददाता।

सुबह के छह बजे हैं। लखनऊ के अलग-अलग इलाकों में दर्जनों क्रिकेट मैदानों पर बच्चों की भीड़ दिखाई देती है। किसी के कंधे पर भारी क्रिकेट किट है, कोई पैड पहनकर नेट की ओर दौड़ रहा है, तो कोई अपने बेटे की बल्लेबाज़ी मोबाइल में रिकॉर्ड कर रहा है। हर माता-पिता की आंखों में एक ही सपना है—शायद उनका बेटा अगला बड़ा क्रिकेटर बने।

लेकिन इन सपनों के बीच एक सवाल लगातार उठ रहा है—क्या शहर में चल रही सभी क्रिकेट अकादमियां वास्तव में खिलाड़ियों का भविष्य बना रही हैं या कुछ जगहों पर क्रिकेट प्रशिक्षण एक लाभकारी व्यवसाय बनकर रह गया है?

“हर गली में क्रिकेट अकादमी”

पिछले कुछ वर्षों में लखनऊ में निजी क्रिकेट अकादमियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शहर के गोमतीनगर, इंदिरानगर, जानकीपुरम, अलीगंज, आशियाना, आलमबाग, राजाजीपुरम, चिनहट और अन्य इलाकों में कई निजी अकादमियां संचालित हो रही हैं।

इनमें से कई संस्थान खुद को आधुनिक सुविधाओं, अनुभवी कोच और खिलाड़ियों को राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का दावा करते हैं। लेकिन जब ज़मीनी स्तर पर सुविधाओं को देखा जाता है, तो तस्वीर हर जगह एक जैसी नहीं मिलती।

मैदान पर क्या दिखा?

कई स्थानों पर सुबह अभ्यास के दौरान एक ही नेट में बड़ी संख्या में खिलाड़ी अभ्यास करते दिखाई दिए। कुछ जगहों पर टर्फ विकेट नहीं थे, जबकि कहीं बच्चों को कंक्रीट या घिसी हुई मैटिंग पर अभ्यास कराया जा रहा था।

कुछ मैदानों में पीने के पानी, शौचालय, ड्रेसिंग रूम या प्राथमिक उपचार जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सीमित नजर आईं। वहीं कई प्रतिष्ठित अकादमियों में बेहतर टर्फ विकेट, फिटनेस ट्रेनिंग, वीडियो विश्लेषण और व्यवस्थित कोचिंग भी देखने को मिली।

अभिभावक क्या कहते हैं?

गोमतीनगर के अभिभावक राजाराम ने बताया क‍ि “एडमिशन के समय हमें बताया गया कि बच्चा बड़े टूर्नामेंट खेलेगा। फीस, किट और दूसरी मदों में काफी पैसा खर्च हुआ, लेकिन छह महीने बाद भी उसे पर्याप्त मैच खेलने का मौका नहीं मिला।”

इंदिरानगर के एक अन्य अभिभावक कहते हैं, “हम यह नहीं समझ पाए कि फीस किस सुविधा के लिए ली जा रही है। बाद में पता चला कि कई सुविधाएं सिर्फ प्रचार तक सीमित थीं।”

दूसरी ओर कुछ अभिभावकों ने शहर की अच्छी अकादमियों की तारीफ भी की। उनका कहना था कि वहां अनुभवी कोच, नियमित मैच अभ्यास और खिलाड़ियों की व्यक्तिगत प्रगति पर ध्यान दिया जाता है।

एक अच्छी क्रिकेट अकादमी में क्या होना चाहिए?

खेल विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी पेशेवर क्रिकेट अकादमी में सामान्य रूप से ये व्यवस्थाएं अपेक्षित मानी जाती हैं—

सुरक्षित और मानक आकार का अभ्यास मैदान।
गुणवत्तापूर्ण टर्फ, मैटिंग या अन्य उपयुक्त प्रैक्टिस विकेट।
पर्याप्त नेट प्रैक्टिस।
प्रशिक्षित और योग्य कोच।
फिटनेस एवं स्ट्रेंथ ट्रेनिंग।
फर्स्ट एड और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था।
स्वच्छ पेयजल, शौचालय और ड्रेसिंग रूम।
खिलाड़ियों की आयु और क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण।
नियमित अभ्यास मैच और प्रदर्शन मूल्यांकन।
फीस और अन्य शुल्कों में पारदर्शिता।
क्या कोचिंग का भी कोई मानक है?

क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल क्रिकेट खेल लेने भर से कोई व्यक्ति प्रभावी कोच नहीं बन जाता। खिलाड़ियों की तकनीक सुधारने, फिटनेस, मानसिक तैयारी और खेल विज्ञान की समझ भी उतनी ही जरूरी है।

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फीस कितनी और सवाल क्या?

लखनऊ की विभिन्न निजी अकादमियों में फीस अलग-अलग है। कुछ जगह मासिक शुल्क अपेक्षाकृत कम है, जबकि कई संस्थान प्रवेश शुल्क, मासिक फीस, यूनिफॉर्म, किट, टूर्नामेंट और विशेष कैंप के नाम पर अलग-अलग राशि लेते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि अधिक फीस लेना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन उसके अनुरूप सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध होना भी उतना ही जरूरी है।

निगरानी का सवाल

खेल क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि निजी क्रिकेट अकादमियों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन उनके संचालन, बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण गुणवत्ता की नियमित समीक्षा को लेकर स्पष्ट व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जाती है।

उनका मानना है कि न्यूनतम मानक, समय-समय पर निरीक्षण और शिकायत निवारण तंत्र खिलाड़ियों और अभिभावकों के हित में होगा।

लखनऊ में क्रिकेट अकादमी के ल‍िए जरूरी मानक

1. भूमि और मैदान
कम से कम 1–3 एकड़ भूमि (आउटडोर अकादमी के लिए बेहतर)
यदि टर्फ अकादमी है तो लगभग 20,000–40,000 वर्गफुट भूमि पर्याप्त हो सकती है।
सुरक्षित बाउंड्री वॉल और नेट प्रैक्टिस एरिया।
अच्छी ड्रेनेज व्यवस्था ताकि बारिश में भी मैदान उपयोगी रहे।
2. क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर
कम से कम 3–6 प्रैक्टिस पिच
टर्फ विकेट
सीमेंट विकेट
मैटिंग विकेट
8–12 नेट
बॉलिंग मशीन
फ्लडलाइट (यदि शाम की कोचिंग हो)
स्कोरबोर्ड
फिटनेस एरिया/जिम
खिलाड़ियों के लिए ड्रेसिंग रूम
शौचालय एवं पेयजल
3. योग्य कोच

अच्छी अकादमी के लिए प्रशिक्षित कोच होना सबसे महत्वपूर्ण है।

Board of Control for Cricket in India या
National Cricket Academy प्रमाणित कोच (यदि उपलब्ध हों)
या
Sports Authority of India/एनआईएस (NIS) डिप्लोमा धारक कोच

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4. कानूनी पंजीकरण

यदि व्यवसाय के रूप में अकादमी खोल रहे हैं तो:

GST (यदि लागू हो)
PAN
बैंक चालू खाता
दुकान एवं स्थापना पंजीकरण (Shop & Establishment)
फर्म/एलएलपी/प्राइवेट लिमिटेड (आवश्यकतानुसार)
5. उत्तर प्रदेश खेल विभाग में पंजीकरण

उत्तर प्रदेश खेल विभाग निजी खेल अकादमियों के ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा देता है। समय-समय पर आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं और पात्रता के अनुसार पंजीकरण किया जाता है।

6. UPCA से संबद्धता

यदि आपके खिलाड़ी जिला, राज्य या आगे की प्रतियोगिताओं में भाग लें, तो संबंधित जिला क्रिकेट संघ तथा Uttar Pradesh Cricket Association से जुड़ाव उपयोगी रहता है। जिला लीग और प्रतियोगिताओं के लिए भी UPCA ने संचालन संबंधी दिशानिर्देश तय किए हैं।

7. सुरक्षा एवं चिकित्सा
प्राथमिक उपचार किट
खिलाड़ियों का बीमा (वैकल्पिक लेकिन उपयोगी)
सीसीटीवी
अग्निशमन यंत्र
बच्चों के लिए सुरक्षा नीति
9. अनिवार्य सुव‍िधाएं

स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग कोच
फिजियोथेरेपिस्ट
नियमित मैच प्रैक्टिस
जिला एवं राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में भागीदारी

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