अलीगंज अग्निकांड के बाद सील हुए कोचिंग सेंटरों को खोलने की तैयारी, दोबारा जांच के लिए एलडीए पहुंचे संचालक

लखनऊ, NIA संवाददाता।

अलीगंज अग्निकांड के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर शुरू हुई प्रशासनिक सख्ती के बीच अब सील किए गए कोचिंग सेंटरों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों ने राहत की कोशिशें तेज कर दी हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में संचालक लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) मुख्यालय पहुंचे और अपने संस्थानों की दोबारा जांच कराने के लिए आवेदन सौंपे। उनका कहना है कि जिन कमियों के आधार पर कार्रवाई हुई थी, उन्हें अब दूर कर दिया गया है और संस्थानों को फिर से खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए।

एलडीए ने प्रभावित संस्थानों के लिए विशेष हेल्प डेस्क बनाई है, जहां संचालकों से आवेदन, शपथ पत्र और सुरक्षा मानकों से जुड़े दस्तावेज लिए जा रहे हैं। पहले ही दिन 24 आवेदन प्राप्त हुए, जो यह संकेत देते हैं कि बड़ी संख्या में संस्थान जल्द से जल्द संचालन शुरू करना चाहते हैं।

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कानपुर रोड सेक्टर-बी स्थित पीडब्ल्यू डिफेंस कोचिंग संस्थान के संचालक विकास सिंह ने आवेदन के साथ दावा किया कि उनके संस्थान में अग्निशमन और विद्युत सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भवन में अतिरिक्त निकास द्वार, फायर सेफ्टी उपकरण और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में एलडीए, अग्निशमन विभाग और विद्युत सुरक्षा निदेशालय की संयुक्त टीम मौके पर निरीक्षण करे और मानक पूरे मिलने पर सील हटाने का निर्णय लिया जाए।

गौरतलब है कि अलीगंज में हुए अग्निकांड के बाद एलडीए ने शहरभर में व्यापक अभियान चलाकर उन कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी, नर्सिंग होम और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की थी, जहां अग्नि सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इस कार्रवाई के दौरान कई संस्थानों को सील कर दिया गया था।

एलडीए के आंकड़ों के अनुसार, हेल्प डेस्क पर पहले दिन सबसे अधिक 14 आवेदन जोन-2 से प्राप्त हुए। इसके अलावा जोन-1 से 6, जोन-6 से 3 और जोन-5 से एक आवेदन जमा हुआ। जबकि जोन-3, जोन-4 और जोन-7 से कोई आवेदन नहीं आया।

प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि सभी आवेदनों की प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें संबंधित जोनल अधिकारियों को भेजा जाएगा। इसके बाद एलडीए, अग्निशमन विभाग और विद्युत सुरक्षा निदेशालय की संयुक्त टीम 24 से 72 घंटे के भीतर संबंधित संस्थानों का निरीक्षण करेगी। यदि निरीक्षण में सभी सुरक्षा मानक पूरे पाए जाते हैं तो नियमानुसार सील हटाने पर फैसला लिया जाएगा। जिन संस्थानों में अभी भी कमियां मिलेंगी, उन्हें पहले आवश्यक सुधार करने होंगे।

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अलीगंज अग्निकांड ने राजधानी में व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन का संदेश साफ है कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं होगा। वहीं, सील किए गए संस्थानों के लिए यह संयुक्त निरीक्षण तय करेगा कि वे दोबारा संचालन शुरू कर पाएंगे या उन्हें अभी और इंतजार करना होगा।

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