Operation Uplabdh: RPF का बड़ा खुलासा, फर्जी तत्काल टिकट और एडिटेड आधार कार्ड से यात्रा कर रहे 5 गिरफ्तार

लखनऊ, NIA संवाददाता।

रेलवे में टिकटों की कालाबाजारी और जालसाजी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन उपलब्ध” के तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को बड़ी सफलता मिली है। लखनऊ के गोमतीनगर और चारबाग रेलवे स्टेशन पर की गई दो अलग-अलग कार्रवाई में फर्जी तत्काल टिकट और दूसरे यात्रियों के नाम पर बुक टिकटों से यात्रा कर रहे पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

जांच में खुलासा हुआ है कि एक संगठित टिकट माफिया नेटवर्क यात्रियों को ऊंचे दामों पर टिकट बेचने के लिए रेलवे टिकटों की नकली कॉपी तैयार कर रहा था। इतना ही नहीं, टिकटों के साथ आधार कार्ड के नाम और क्यूआर कोड में भी बदलाव कर पहचान सत्यापन से बचने की कोशिश की जा रही थी।

यह भी पढ़ें: राम मंदिर चंदा विवाद पर CM योगी का बड़ा बयान, बोले- SIT जांच से सामने आएगा पूरा सच, दोषी नहीं बचेंगे

गोमतीनगर स्टेशन पर फर्जी तत्काल टिकट के साथ पकड़े गए यात्री

18 जून को आरपीएफ अपराध आसूचना शाखा लखनऊ और आरपीएफ गोमतीनगर की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर 12533 पुष्पक एक्सप्रेस के एम-5 कोच में छापेमारी की। जांच के दौरान दो संदिग्ध तत्काल आरक्षित टिकट बरामद हुए। रेलवे अधिकारियों की जांच में टिकटों की प्रिंटिंग, रेलवे लोगो और अन्य विवरण संदिग्ध पाए गए। दोनों टिकटों की कुल कीमत 16,336 रुपये थी। पूछताछ में यात्रियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने दलालों से अधिक कीमत देकर ये टिकट खरीदे थे। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

चारबाग स्टेशन पर एडिटेड आधार कार्ड से यात्रा का खुलासा

17 जून को चारबाग रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने सीएसएमटी-गोरखपुर एक्सप्रेस के एस-3 कोच में जांच के दौरान तीन यात्रियों को पकड़ा। ये यात्री दूसरे लोगों के नाम पर बुक टिकटों से सफर कर रहे थे। जांच में सामने आया कि यात्रियों के आधार कार्ड में नाम और क्यूआर कोड एडिट किए गए थे ताकि टिकट और पहचान पत्र का मिलान आसानी से हो सके। पूछताछ में यात्रियों ने बताया कि उन्होंने नवी मुंबई के एक दलाल से संपर्क कर प्रति व्यक्ति 2500 रुपये देकर टिकट खरीदे थे। भुगतान ऑनलाइन यूपीआई के जरिए किया गया था।

यह भी पढ़ें: मुरादाबाद में BJP में बगावत! अपने ही मेयर के खिलाफ उतरे 16 पार्षद, महिला पार्षदों ने भी लगाए गंभीर आरोप

ऐसे काम करता है रेलवे टिकट जालसाजी का नेटवर्क

आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह पहले तत्काल श्रेणी के टिकट हासिल करता है। इसके बाद टिकटों की डिजिटल कॉपी में बदलाव कर उन्हें असली जैसा रूप दिया जाता है। जरूरत पड़ने पर आधार कार्ड में भी फेरबदल किया जाता है ताकि टिकट जांच के दौरान कोई संदेह न हो। फर्जी टिकट और पहचान पत्र व्हाट्सएप समेत अन्य डिजिटल माध्यमों से ग्राहकों तक पहुंचाए जाते हैं और उनसे अधिक कीमत वसूली जाती है।

आरपीएफ ने शुरू की बड़ी जांच

दोनों मामलों में आरपीएफ ने फर्जी टिकट, एडिट किए गए आधार कार्ड, मोबाइल चैट और डिजिटल भुगतान से जुड़े साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जांच एजेंसियों का मानना है कि इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट खरीदें। किसी दलाल से टिकट खरीदना न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की स्थिति में कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।ऑपरेशन उपलब्ध के तहत की गई यह कार्रवाई रेलवे टिकटों की कालाबाजारी और जालसाजी के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

यह भी पढ़ें: ‘मैं IPS हूं…’ पुलिस से सैल्यूट मांग रहा था शख्स, ID मांगते ही खुल गई पोल!

 

Scroll to Top