Twisha Sharma Case: सुप्रीम कोर्ट सख्त, अब CBI करेगी जांच, दहेज उत्पीड़न और मौत मामले में बड़े सवाल

नई द‍िल्‍ली। 

भोपाल की चर्चित Twisha Sharma मौत मामले में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। Supreme Court of India ने कहा कि अब इस मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपी जाएगी। अदालत ने साफ कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे थे, इसलिए उसने स्वतः संज्ञान लिया।

भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि मृतका के पति वकील हैं और उनकी सास पूर्व जिला जज रह चुकी हैं। ऐसे में आम लोगों के बीच यह धारणा बन रही थी कि जांच प्रभावित हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि Madhya Pradesh High Court पहले ही दूसरे पोस्टमार्टम का आदेश दे चुका है और वह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मध्य प्रदेश सरकार भी मामले की CBI जांच की सिफारिश कर चुकी है।

सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने कोर्ट को बताया कि जांच CBI को ट्रांसफर करने की सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

अदालत ने पीड़ित परिवार, आरोपियों और मीडिया से अपील की कि वे सार्वजनिक मंचों पर बयान देने से बचें ताकि जांच प्रभावित न हो।

क्या है Twisha Sharma Death Case?

नोएडा निवासी त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। परिवार का आरोप है कि उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और उनकी हत्या की गई है।

वहीं ससुराल पक्ष का दावा है कि यह आत्महत्या का मामला है।

भोपाल पुलिस ने त्विषा के पति Samarth Singh और उनकी मां Giribala Singh के खिलाफ दहेज प्रताड़ना से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है।

समर्थ सिंह ने जबलपुर में सरेंडर किया था, जिसके बाद अदालत ने उन्हें 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?

पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह “दम घुटना” बताई गई। हालांकि रिपोर्ट में शरीर पर कई चोटों का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक शरीर पर कई “एंटी मॉर्टम इंजरीज़” यानी मौत से पहले लगी चोटों के निशान पाए गए।

यहीं से मामले ने नया मोड़ लिया और परिवार ने जांच पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। परिवार का आरोप है कि सबूतों से छेड़छाड़ हुई और प्रभावशाली लोगों के कारण जांच प्रभावित की गई।

इसके बाद AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों की टीम ने भोपाल पहुंचकर दूसरा पोस्टमार्टम किया।

पुलिस क्या कह रही है?

भोपाल पुलिस कमिश्नर Sanjay Kumar का कहना है कि शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कथित आत्महत्या में इस्तेमाल सामग्री शुरुआती पोस्टमार्टम के दौरान मेडिकल टीम तक नहीं पहुंची थी। इस चूक की अलग से जांच की जाएगी।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान

National Commission for Women ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार से सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

क्यों चर्चा में है यह मामला?
दहेज उत्पीड़न के आरोप
पूर्व जज परिवार से संबंध
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों का जिक्र
सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप
सुप्रीम कोर्ट का स्वतः संज्ञान
CBI जांच की सिफारिश

इन सभी कारणों से Twisha Sharma Case देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी नजर CBI जांच पर टिकी है, जिससे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद की जा रही है।

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