उत्तर प्रदेश सरकार ने गोरखपुर को सोलर सिटी बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने चिलुआताल में 20 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट की स्थापना को मंजूरी दे दी है।
गोरखपुर बनेगा Solar Hub
इस परियोजना के तहत गोरखपुर को आने वाले 5 वर्षों में ग्रीन एनर्जी आधारित शहर के रूप में विकसित किया जाएगा।
लक्ष्य:
पारंपरिक ऊर्जा में 10% कमी
करीब 121.8 मिलियन यूनिट अक्षय ऊर्जा उत्पादन
चिलुआताल में बनेगा फ्लोटिंग सोलर प्लांट
चिलुआताल में इस मेगा प्रोजेक्ट को विकसित किया जाएगा:
80 एकड़ जल क्षेत्र पर प्लांट
20MW क्षमता
जल सतह पर आधारित तकनीक
खास बात: इससे जमीन का उपयोग बदले बिना बिजली उत्पादन होगा
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कौन बनाएगा यह प्रोजेक्ट?
यह प्रोजेक्ट Coal India Limited द्वारा अपने संसाधनों से विकसित किया जाएगा।
पर्यटन विभाग की 28 एकड़ भूमि कंपनी को निःशुल्क दी जाएगी
हर साल बनेगी 33 मिलियन यूनिट बिजली
इस फ्लोटिंग सोलर प्लांट से:
हर साल 33.29 मिलियन यूनिट ग्रीन एनर्जी
बिजली सीधे ग्रिड में जोड़ी जाएगी
पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटेगी
क्या होंगे फायदे?
गोरखपुर बनेगा ग्रीन सिटी
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
रोजगार के नए अवसर
निवेश में वृद्धि
सस्ती और स्वच्छ बिजली
यूपी में पहले भी बने हैं ऐसे प्लांट
ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के अनुसार:
औरैया – 20MW फ्लोटिंग प्लांट
खुर्जा – 11MW फ्लोटिंग प्लांट
अब गोरखपुर इस लिस्ट में जुड़ने जा रहा है।
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