समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की। यह मुलाकात करीब एक घंटे तक बंद कमरे में चली। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि शंकराचार्य के आशीर्वाद से अब नकली संतों का सच सामने आएगा और धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करने वालों का पर्दाफाश होगा।
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संतों से आशीर्वाद लेने पहुंचे थे अखिलेश
सपा प्रमुख दोपहर करीब 12:30 बजे अपने आवास से निकलकर लखनऊ के कृष्णा नगर इलाके में पहुंचे, जहां शंकराचार्य प्रवास कर रहे हैं। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी भी मौजूद थे। अखिलेश यादव ने वहां मौजूद संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया और उनका आशीर्वाद लिया।
‘नया काम शुरू करने से पहले संतों का आशीर्वाद जरूरी’
मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय परंपरा के अनुसार किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया जाता है। उन्होंने कहा कि संतों का आशीर्वाद समाज और देश के लिए शुभ होता है और इससे सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
गो-संरक्षण को लेकर भी बोले अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से गो-संरक्षण के पक्ष में रही है। उनके कार्यकाल में गायों की देखभाल और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि कन्नौज में गाय के दूध का पहला प्लांट सपा सरकार के समय लगाया गया था।
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सरकार और लोकतंत्र पर साधा निशाना
इस दौरान अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियों का असर आम लोगों पर साफ दिख रहा है और गैस सिलेंडर की कीमतों के कारण कई परिवार फिर से चूल्हे और लकड़ी पर खाना बनाने को मजबूर हो रहे हैं।
शंकराचार्य ने भी रखी अपनी बात
मीडिया से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अखिलेश यादव दर्शन और सत्संग के लिए आए थे। उन्होंने अपनी गोरक्षा यात्रा और अभियान के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि जब वह हिंदुओं के मुद्दों की बात करते हैं तो सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आता।
गोरक्षा अभियान से जुड़ा मामला
दरअसल, शंकराचार्य ने वाराणसी से 7 मार्च को गोरक्षा यात्रा शुरू की थी। यह यात्रा जौनपुर, सुल्तानपुर और सीतापुर होते हुए लखनऊ पहुंची, जहां उन्होंने गोरक्षा को लेकर अभियान का शंखनाद किया।
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