ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ दो किशोरों के कथित यौन शोषण के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई कथावाचक स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज की याचिका पर अदालत के आदेश के बाद की गई। देर रात दर्ज हुई एफआईआर के बाद मामला धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया है।
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अखिलेश यादव का हमला
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा — “भाजपा हटाओ, सनातन बचाओ”। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सच्चे संतों को झूठे मामलों में फंसाकर दबाने की कोशिश कर रही है।
पप्पू यादव का बयान
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा कि शंकराचार्य पर केस दर्ज कर बीजेपी ने अपनी “कब्र खोद ली है।”
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अन्य संतों की प्रतिक्रिया
पुरी गोवर्धन पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी अधोक्षजानंद देव तीर्थ ने कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए निर्णय से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। तपस्वी छावनी के महंत जगतगुरु परमहंस आचार्य ने संतों और ब्राह्मणों में आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
शंकराचार्य का पक्ष
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि —
आरोप लगाने वाला व्यक्ति “हिस्ट्रीशीटर” है
CCTV फुटेज की जांच कराई जाए
पुलिस कार्रवाई में पूरा सहयोग दिया जाएगा
“कहानी झूठी साबित होगी, आज नहीं तो कल”
उन्होंने कहा कि वे 40 दिन तक काशी में रहेंगे और पुलिस जब चाहे पूछताछ कर सकती है।
मामला क्यों बना बड़ा?
दो किशोरों के यौन शोषण का आरोप
POCSO एक्ट के तहत मामला
धार्मिक जगत की बड़ी हस्ती पर आरोप
विपक्ष vs भाजपा के बीच सियासी टकराव
संत समाज में मतभेद की चर्चा
फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और पुलिस जांच जारी है।
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