नेपाल के प्रमुख व्यापारिक और सीमावर्ती शहर वीरगंज में रविवार देर शाम भड़की हिंसा ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। वार्ड नंबर 11, श्रीपुर स्थित एक धार्मिक स्थल के पास शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों गुटों के बीच जमकर पथराव हुआ, जिसके बाद प्रशासन को हालात संभालने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े।
सोमवार सुबह 9:45 बजे से वीरगंज महानगर क्षेत्र में अगले आदेश तक अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल पुलिस, नेपाल सेना और आर्म्ड पुलिस फोर्स को सड़कों पर तैनात किया गया है।
हिंसा में आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज नारायणी अस्पताल में चल रहा है।
कौन है मुख्य आरोपी?
पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जबकि मुख्य आरोपी, जो नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) के मधेस प्रदेश कमेटी से जुड़े बताए जा रहे हैं, फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
भारत-नेपाल सीमा पर असर
इस हिंसा का सीधा असर भारत-नेपाल सीमा पर भी पड़ा है। रक्सौल और वीरगंज को जोड़ने वाला मैत्री पुल पूरी तरह बंद कर दिया गया है। भारतीय सीमा पर एसएसबी और स्थानीय पुलिस हाई अलर्ट पर है। शादी और होली के सीजन में अचानक कर्फ्यू से बाजारों में सन्नाटा पसर गया है और दोनों ओर आम लोग फंस गए हैं।
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प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कर्फ्यू के दौरान किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, प्रदर्शन या बैठक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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