राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर चल रहे विवाद के बीच नया घटनाक्रम सामने आया है। राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे संतोष दुबे ने अयोध्या की राम जन्मभूमि कोतवाली में एक तहरीर देकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
संतोष दुबे ने अपनी शिकायत में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा, मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के नाम शामिल किए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक होने पर पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग की है।
यह भी पढ़ें: ‘गधी के दूध से नहाइए…’, यूपी के मंत्री के बयान ने मचाया बवाल, महारानी का भी लिया नाम
क्या हैं आरोप?
संतोष दुबे का आरोप है कि राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और पूर्व में मंदिर आंदोलन के दौरान मिले बहुमूल्य दान की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से पड़ताल करें तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि रामशिला अभियान के दौरान प्राप्त बहुमूल्य दान और वर्तमान चढ़ावे से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी सामने आने बाकी हैं।
संपत्ति की जांच की भी मांग
संतोष दुबे ने प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से संबंधित व्यक्तियों की संपत्तियों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले में वित्तीय पहलुओं की भी जांच होनी चाहिए।
जांच एजेंसियों की भूमिका
राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामलों को लेकर विभिन्न स्तरों पर जांच की चर्चा के बीच संतोष दुबे ने अपनी शिकायत में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है।
यह भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा केस में बड़ा एक्शन, चंपत राय से घंटों पूछताछ, SIT के हाथ लगे अहम सबूत
आधिकारिक पक्ष का इंतजार
संतोष दुबे द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं। हालांकि, शिकायत में जिन लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, उनकी ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। कानूनी प्रक्रिया के अनुसार, शिकायत दर्ज होना और आरोप लगना किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। मामले के तथ्यों की पुष्टि जांच और विधिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
यह भी पढ़ें: Ayodhya Ram Mandir News: संतोष दुबे का बड़ा आरोप, 1250 सोने-चांदी की रामशिलाएं गायब, चंपत राय पर उठाए सवाल




