प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि संसद में महिला आरक्षण और भागीदारी को लेकर सियासी माहौल काफी गरम हो गया है।
विपक्ष पर तीखा हमला
सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि सत्तापक्ष का मानना है कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों ने महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर महिलाओं के हितों के साथ “विश्वासघात” किया है।
पीएम मोदी का बयान
नरेंद्र मोदी के बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी कोई उपकार नहीं बल्कि उनका संवैधानिक अधिकार है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जो दल इस प्रक्रिया में बाधा डालेंगे, उन्हें आने वाले चुनावों में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है।
यह भी पढ़ें: मट्ठा बना जहर! एक साथ 24 से ज्यादा बच्चे बीमार, गांव में मचा हड़कंप
अमित शाह का जवाब
अमित शाह के हवाले से कहा गया कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा। बल्कि यह प्रक्रिया सभी राज्यों को संतुलित और न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व देने में मदद करेगी। सीटों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
परिसीमन पर स्पष्टता
सरकार का कहना है कि परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जो जनगणना के आधार पर सीटों के पुनर्निर्धारण के लिए आवश्यक है। इसका उद्देश्य केवल सीटों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि जनसंख्या के अनुपात में निष्पक्ष प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है, जैसे:
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
स्वयं सहायता समूहों के जरिए आर्थिक मजबूती
मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा
सियासी माहौल गरम
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि महिला आरक्षण का मुद्दा आने वाले चुनावों में बड़ा राजनीतिक एजेंडा बनने जा रहा है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव आगे और बढ़ने की संभावना है।
यह भी पढ़ें: गोरखपुर में CM योगी का बड़ा ऐलान, अब हर जरूरतमंद को मिलेगा घर और मुफ्त इलाज




