वजीरगंज थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बलरामपुर अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मचारी धर्मेन्द्र भारती ने एक कथित पत्रकार इमरान मिर्ज़ा और उसके साथियों पर रंगदारी मांगने, झूठी खबर चलाकर छवि खराब करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि इमरान मिर्ज़ा अपने साथी गोगी और अन्य दो अज्ञात लोगों के साथ मिलकर लंबे समय से उससे व उसके सहकर्मियों से प्रतिमाह ₹10,000 की अवैध वसूली की मांग कर रहा था। पैसे न देने पर इमरान ने अपने ट्विटर अकाउंट से धर्मेन्द्र और अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ झूठी खबरें चलाने की धमकी दी।
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धर्मेन्द्र के मुताबिक, 3 जून 2025 को उसे और उसके सहयोगी को इमरान के गोलागंज स्थित फ्लैट में बुलाया गया, जहाँ उनसे ₹1 लाख की मांग की गई। विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी।
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धर्मेन्द्र ने FIR में यह भी लिखा है कि वह अनुसूचित जाति से हैं और इस आधार पर लगातार मानसिक उत्पीड़न और दबाव बनाया जा रहा है। उसने ट्विटर पोस्ट की कॉपी और अन्य दस्तावेज़ भी साक्ष्य के तौर पर पुलिस को सौंपे हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(4), 356(3) और 352 में मुकदमा कायम किया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक शिवम अवस्थी को सौंपी गई है। पुलिस के मुताबिक यह प्रकरण केवल रंगदारी का ही नहीं बल्कि पत्रकारिता की आड़ में अवैध वसूली के गंभीर आरोपों को उजागर करता है। पुलिस अब आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
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