उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत, पारदर्शी और परिणाम-आधारित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। लखनऊ और बरेली मंडल की स्वास्थ्य सेवाओं की सघन समीक्षा के दौरान प्रदेश में डायलिसिस इकाइयों की संख्या बढ़ाने, जिला अस्पतालों में कैंसर यूनिट शुरू करने और MRI जांच की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे अहम निर्देश दिए गए हैं।
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यह उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक 31 दिसंबर 2025 को लखनऊ स्थित राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग, अमित कुमार घोष (आईएएस) ने की। राज्य और जनपद स्तर के अधिकारी बैठक में वर्चुअल माध्यम से भी जुड़े।
डायलिसिस सेवाओं का होगा प्रदेशव्यापी विस्तार
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निःशुल्क डायलिसिस सेवाएं आम जनता तक हर हाल में पहुंचनी चाहिए। इसके लिए पूरे प्रदेश में डायलिसिस इकाइयों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां जरूरत है, वहां नए सेंटर खोले जाएं और मौजूदा इकाइयों की कार्यक्षमता भी बढ़ाई जाए।
जिला अस्पतालों में खुलेगी कैंसर यूनिट
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक और बड़ा फैसला लेते हुए अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन जिलों में कैंसर उपचार की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां जिला स्तरीय अस्पतालों में कैंसर यूनिट स्थापित की जाए। साथ ही, पीपीपी मॉडल के तहत निःशुल्क या किफायती कैंसर इलाज उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
हर जिले में MRI सुविधा पर जोर
बैठक में MRI जांच को लेकर भी अहम चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव ने प्रत्येक जिले में मांग के अनुसार MRI सेवाओं की उपलब्धता का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा, ताकि मरीजों को जांच के लिए बड़े शहरों की ओर न जाना पड़े।
क्रिटिकल केयर, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन पर सख्त निर्देश
स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत पर बात करते हुए अपर मुख्य सचिव ने क्रिटिकल केयर यूनिट और वेंटिलेटर के अधिकतम उपयोग के लिए मानव संसाधन को प्रशिक्षित करने पर जोर दिया। साथ ही अस्पतालों में निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे बेड और चादरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
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जन आरोग्य मेलों को बनाया जाए मजबूत आधार
इस अवसर पर मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डॉ. पिंकी जोवल (आईएएस) ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इन मेलों का नियमित अनुश्रवण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को घर के पास बेहतर इलाज मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर मानव संसाधन की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे प्राथमिक स्तर पर ही मरीजों को राहत मिल सके।
2947 स्वास्थ्य इकाइयों का हुआ स्थलीय निरीक्षण
समीक्षा बैठक से पहले 26 से 28 दिसंबर 2025 के बीच लखनऊ और बरेली मंडल की कुल 2947 स्वास्थ्य इकाइयों का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, मानव संसाधन, मरीजों और तीमारदारों की सुविधाओं तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, संचारी व गैर-संचारी रोग कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया गया।निरीक्षण के दौरान अधिकांश लाभार्थियों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया, हालांकि कुछ क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता भी सामने आई।
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वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत (आईएएस), महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. रतन पाल सिंह सुमन, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. पवन कुमार अरुण, महानिदेशक प्रशिक्षण डॉ. एच.डी. अग्रवाल सहित लखनऊ और बरेली मंडल के मंडलीय अपर निदेशक, सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और NHM के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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