डॉक्टर का खुलासा: ये 5 आदतें आज छोड़ दीं तो कैंसर का खतरा आधा हो सकता है!

लखनऊ, NIA संवाददाता।

World Cancer Day 2025 के अवसर पर उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी, लखनऊ में जर्नलिस्ट मीडिया प्रेस एसोसिएशन द्वारा एक कैंसर जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कैंसर से बचाव, कारण, लक्षण और इलाज को लेकर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस अवसर पर कैंसर जागरूकता पर आधारित स्मारिका ‘आशा की किरण’ का भी विमोचन किया गया।

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तम्बाकू कैंसर का सबसे बड़ा कारण – डॉ. एम.एल.बी. भट्ट

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और कल्याण सिंह कैंसर संस्थान, लखनऊ के निदेशक डॉ. एम.एल.बी. भट्ट ने कहा कि “जागरूकता ही कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी हथियार है। उन्होंने बताया कि भारत में 40 प्रतिशत से अधिक कैंसर के मामले तम्बाकू सेवन से जुड़े हैं, जबकि लीवर कैंसर का प्रमुख कारण शराब है। डॉ. भट्ट ने लोगों से नियमित व्यायाम, मोटापा नियंत्रित रखने, पर्याप्त नींद लेने, तनाव से दूर रहने और ताजे फल-सब्जियां, मोटे अनाज व प्राकृतिक भोजन अपनाने की अपील की।

कैंसर के शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज

राम मनोहर लोहिया संस्थान, लखनऊ के विशेषज्ञ डॉ. राहत हादी ने कहा कि शरीर में किसी भी प्रकार की असामान्यता, गांठ, लंबे समय तक खांसी या बलगम की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
उन्होंने महिलाओं को स्तनों की नियमित स्वयं जांच करने की सलाह दी।

युवाओं में बढ़ता तम्बाकू सेवन चिंता का विषय

डॉ. आलोक धवन ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी फैशन के नाम पर तम्बाकू और नशीले पदार्थों का सेवन कर रही है, जो भविष्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।

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मुंह का कैंसर आत्मसम्मान को भी करता है प्रभावित

ओरल कैंसर विशेषज्ञ डॉ. स्वाति प्रसाद ने कहा कि मुंह का कैंसर केवल शरीर ही नहीं बल्कि व्यक्ति के आत्मसम्मान और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है।
डॉ. शैली महाजन ने तम्बाकू से दूरी बनाए रखने और मुंह में किसी भी समस्या पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया।

नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी

कैंसर लखनऊ संस्थान की निदेशक डॉ. निर्मला पंत ने कहा कि कैंसर मरीजों की बढ़ती संख्या चिंताजनक है। उन्होंने साल में कम से कम एक बार हेल्थ चेकअप कराने की सलाह दी।

मानसिक सहयोग भी उतना ही जरूरी

पूर्व आईएएस अब्दुल समद ने कहा कि कैंसर पीड़ितों को इलाज के साथ-साथ मानसिक और नैतिक सहयोग की भी आवश्यकता होती है।

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कार्यक्रम में कई चिकित्सकों, पत्रकारों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। अंत में जर्नलिस्ट मीडिया प्रेस एसोसिएशन की ओर से अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन उमाशंकर पाण्डेय ने किया तथा संचालन अश्वन वर्मा ने किया। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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