उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) का 55वां वार्षिक जनपदीय सम्मेलन अयोध्या के आदर्श इंटर कॉलेज, धारा रोड में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा जगत से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी, शिक्षाविद और सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि पंडित सुभाष चंद्रा, अध्यक्ष बार काउंसिल, लखनऊ हाई कोर्ट ने सम्मेलन का उद्घाटन किया।

मुख्य अतिथि का बड़ा बयान – “शिक्षकों को फिर से संघर्ष के लिए तैयार होना होगा”
मुख्य अतिथि ने कहा कि शिक्षकों की उदासीनता के कारण पूर्व में संघर्ष से प्राप्त अधिकार कमजोर पड़ते जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों से एकजुट होकर अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।

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शिक्षा की गुणवत्ता और नई नीति पर जोर
संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र प्रताप सिंह ने नई शिक्षा नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुशासन और नवाचार पर विशेष बल दिया। मुख्य वक्ता श्री कृष्ण (विभाग प्रचारक, अवध प्रांत) ने शिक्षक समाज को संस्कार, राष्ट्रभाव और संगठनात्मक शक्ति से मजबूत करने का संदेश दिया। नगर प्रचारक रजनीश ने शिक्षक एकता और सामाजिक समरसता पर जोर दिया।
इन शिक्षकों को मिला सम्मान
सम्मेलन में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कई प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिनमें शामिल हैं:
अवनींद्र कुमार
गुलबहार निषाद
दान बहादुर सिंह
सुषमा मिश्रा
वीरेंद्र प्रताप सिंह
सरदा पीरबख्श
अजय कुमार सिंह
उदय कुमार पांडेय
राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा

“संगठित रहिए और संकल्पित रहिए” के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के संरक्षक तिलकधारी सिंह ने की। सम्मेलन के अंत में उन्होंने शिक्षकों से संगठनात्मक एकता बनाए रखने का आह्वान किया।
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