उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को हरिद्वार से एक ऐसा बयान दिया, जिसने एक बार फिर विरासत, आस्था और सुशासन की राष्ट्रीय बहस को केंद्र में ला दिया। उन्होंने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में रामभक्तों को अपमानित किया गया, उन पर गोलियां चलीं और इसका परिणाम यह हुआ कि प्रदेश अराजकता, दंगों और गुंडागर्दी का अड्डा बन गया।
सीएम योगी स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की श्री विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित कर रहे थे।
“आज यूपी में दंगा भी नहीं, दंगाई भी नहीं”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में न अराजकता है, न कर्फ्यू, न दंगे। “दंगा और दंगाई दोनों गायब हैं। अब कर्फ्यू दंगाइयों पर लगता है। यूपी में अब सब चंगा है।” उन्होंने कहा कि पहले ना बेटियां सुरक्षित थीं और ना व्यापारी, लेकिन विरासत का सम्मान लौटते ही कानून व्यवस्था मजबूत हुई और प्रदेश ने विकास की नई दिशा पकड़ी।
आस्था से अर्थव्यवस्था तक बदलाव
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में 500 वर्षों बाद राम मंदिर का निर्माण इस बात का प्रमाण है कि जब नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो असंभव भी संभव हो जाता है। आज उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
“आश्रम पद्धति ही असली MBA”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोग उनसे पूछते हैं कि बिना औपचारिक प्रशासनिक प्रशिक्षण के वे इतने बड़े राज्य को कैसे चला रहे हैं।
उन्होंने कहा, “भारतीय संन्यासी आश्रम पद्धति से प्रशासन और प्रबंधन सीखता है। यही असली MBA है।” उनके अनुसार भारत की प्रशासनिक शक्ति की जड़ें आश्रम और गुरुकुल परंपरा में हैं, जहां जीवन से जुड़े हर प्रश्न का समाधान मिलता है।
माघ मेले में 21 करोड़ श्रद्धालुओं का स्नान
सीएम योगी ने बताया कि माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान कर चुके हैं।
अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, हरिद्वार, बदरीनाथ और केदारनाथ अब केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के केंद्र बन चुके हैं।

भारत केवल भूगोल नहीं, चेतना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि ऋषि परंपरा की तपस्या से निर्मित राष्ट्र है।
उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भारत अपने मूल्यों से जुड़ा रहा, तब वह विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति था, और जब उनसे विमुख हुआ, तब पतन शुरू हुआ।
संत समाज ने बताया ‘उत्तर प्रदेश का शेर’
समारोह में मौजूद संत समाज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को “उत्तर प्रदेश का शेर” बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में यूपी में रामराज्य जैसा वातावरण दिखाई देता है।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई प्रमुख संत और गणमान्य उपस्थित रहे।
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