लखनऊ, NIA संवाददाता।
लखनऊ मंडल में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत सख्त नजर आए। आयुक्त कक्ष में आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में उन्होंने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए कई जिलों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
बैठक में पंचायत राज, मुख्यमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), उज्ज्वला योजना, पेंशन योजनाएं, आंगनवाड़ी केंद्र, गो-आश्रय स्थल, किसान रजिस्ट्री, धान खरीद समेत अनेक योजनाओं की भौतिक व वित्तीय प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
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डिजिटल लाइब्रेरी और अंत्येष्टि स्थल पर नाराजगी
मंडलायुक्त ने उन्नाव, सीतापुर, हरदोई, रायबरेली और लखीमपुर खीरी में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापना के वर्क ऑर्डर लंबित रहने पर असंतोष जताया। वहीं अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण में देरी को जनहित से जुड़ा विषय बताते हुए तत्काल कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।
पंचायत सहायक, CSC और मॉडल ग्राम पंचायत
उन्नाव में पंचायत सहायकों की नियुक्ति अधूरी मिलने पर नाराजगी जताई गई। हरदोई और सीतापुर में शून्य सेवा वाले जन सेवा केंद्रों को तत्काल सक्रिय करने के आदेश दिए गए। मॉडल ग्राम पंचायतों के सत्यापन में लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश भी दिए गए।
आवास, पेंशन और उज्ज्वला योजना
सीतापुर में मुख्यमंत्री आवास योजना की पहली किस्त का भुगतान सिर्फ 65% होने पर मंडलायुक्त ने अधिकारियों को फटकार लगाई। पेंशन योजनाओं और उज्ज्वला योजना (फेज-2) में लंबित सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
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किसान, धान खरीद और उर्वरक
कृषक रजिस्ट्री में रायबरेली की प्रगति कमजोर मिलने पर सुधार के निर्देश दिए गए। धान खरीद में किसानों को समय से भुगतान, आधार मिसमैच सुधार और छोटे किसानों को प्राथमिकता देने को कहा गया। उर्वरक की उपलब्धता पर भी सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए।
आंगनवाड़ी, गो-आश्रय और स्कूल
आंगनवाड़ी केंद्रों के वर्षों से लंबित निर्माण कार्य इसी माह पूरे करने के आदेश दिए गए। गो-आश्रय स्थलों में हरे चारे, CCTV और कम गोवंश वाले स्थलों के विलय के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री मॉडल स्कूलों के निर्माण में गुणवत्ता से समझौता न करने की चेतावनी दी गई।
आईजीआरएस और अफसरों को चेतावनी
मंडलायुक्त ने साफ कहा कि जिन विभागों की प्रगति और ग्रेडिंग खराब पाई गई है, उनमें तत्काल सुधार किया जाए। आईजीआरएस शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए।
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