उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) से चयनित होने के बावजूद 13 अवर अभियंता (JE सिविल) ने समय पर ज्वाइनिंग नहीं की। नोटिस देने के बाद भी जवाब न मिलने पर इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी की नियुक्ति निरस्त कर दी गई है।
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इस संबंध में स्थानीय निकाय निदेशक अनुज कुमार झा ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, इन अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश पालिका केंद्रीयत अभियंत्रण सेवा नियमावली के तहत अवर अभियंता (सिविल) के पद पर नियुक्ति दी गई थी।
बार-बार मौका, फिर भी नहीं की ज्वाइनिंग
स्थानीय निकाय निदेशालय ने 10 सितंबर 2024 को इन अभ्यर्थियों को वेतनमान 9300–34800 (ग्रेड पे 4200) पर औपबंधिक नियुक्ति दी थी। आदेश में स्पष्ट किया गया था कि उन्हें 17 सितंबर 2024 तक निदेशालय में योगदान आख्या प्रस्तुत करनी होगी और उनकी परिवीक्षा अवधि दो वर्ष होगी।
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निर्धारित समय में योगदान न देने पर 28 जनवरी 2025 को अंतिम अवसर देते हुए दो सप्ताह का समय दिया गया, लेकिन इसके बावजूद भी किसी ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
नियुक्ति पूरी तरह निरस्त
स्थानीय निकाय निदेशालय ने स्पष्ट किया कि बार-बार समय दिए जाने के बाद भी ज्वाइनिंग न करने को अनुशासनहीनता और लापरवाही मानते हुए इन सभी का नियुक्ति संबंधी अभ्यर्थन रद्द कर दिया गया है।
जिन 13 JE की नियुक्ति रद्द हुई
नियुक्ति निरस्त किए गए अभ्यर्थियों में शामिल हैं:
प्रीति, आलोक कुमार मिश्रा, मो. फैजान, केशव पांडेय, मनीष कुमार बिंद, इंदु प्रभा सरोज, रजत, रवि कुमार प्रजापति, सुरेंद्र कुमार पटेल, मो. दानिश, अभय कुमार गुप्ता, सुभाष सिंह रावत और अमित कुमार भगत।
यह कार्रवाई सरकारी भर्ती प्रक्रिया में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर एक सख्त संदेश मानी जा रही है।
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