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यूपी : कैबिनेट के निर्णय पर भारी मंडी परिषद के अफसर

लखनऊ।

राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद उत्तर प्रदेश मुख्यालय किसान मंडी भवन लखनऊ द्वारा उत्तर प्रदेश की कैबिनेट में लिए गए फैसले का अनादर किया जा रहा है।

मामला यह है कि कर्मचारियों को छठवें वेतनमान का लाभ देने के संबंध में वेतन आयोग की संस्तुतियों उत्तर प्रदेश की कैबिनेट द्वारा स्वीकार की गई थी और इसके बाद शासनादेश जारी हुए थे। सातवें वेतनमान में कर्मचारियों को एसीपी का लाभ देने का प्रावधान भी किया गया था और यह व्यवस्था भी कैबिनेट से स्वीकृत हुई थी। एसीपी से संबंधित शासनादेश दिनांक 5 नवंबर 2014 जो कैबिनेट की स्वीकृति के उपरांत जारी हुआ था उसका आंशिक पालन मंडी परिषद ने किया है और इस शासनादेश के महत्वपूर्ण अंश को आज तक लागू नहीं किया जा रहा है जो कि कैबिनेट में लिए गए निर्णय का खुला उल्लंघन है।

यहां बता दें कि इस शासनादेश में यह प्रावधान है कि यदि जूनियर कर्मचारी को उसके सीनियर से ज्यादा वेतन एसीपी में स्वीकृत हो रहा है तो सीनियर को उसके बराबर कर दिया जाएगा। बशर्ते दोनों का सेवा संवर्ग और सेवा शर्तें एक समान हो।

उत्तर प्रदेश मंडी परिषद कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश कुमार वर्मा ने बताया कि मंडी परिषद में यह प्रावधान संघ द्वारा लगातार 4 वर्षों से पत्राचार करने के बाद भी आज तक लागू नहीं किया गया है। कुछ कर्मचारियों की सांठगांठ से उत्तर प्रदेश की कैबिनेट के निर्णय का उल्लंघन किया जा रहा है जो बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है।