Thursday , September 29 2022

यूपी : वेतन रोकने से पशुधन प्रसार अधिकारी की मौत

संघ के अध्यक्ष नितिन सिंह ने आंदोलन का अल्टीमेटम

लखनऊ।

वेतन न मिलने की वजह से पशुपालन विभाग के पशुधन प्रसार अधिकारी की मौत हो गई। यह आरोप पशुधन प्रसार अधिकारी संघ के अध्यक्ष नितिन सिंह ने सीतापुर के मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी पर लगाया है।

प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ने संघ के प्रदेश अध्यक्ष सिंह ने बताया कि मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी जनपद सीतापुर ने अपने आर्थिक लाभ के लिए पद का दुरुपयोग किया और 2 माह (मई व जुलाई) का वेतन रोकने के सदमे से पशुधन प्रसार अधिकारी कमलेश कुमार यादव की मौत हो गई। आरोप लगाया कि पशुपालन विभाग के निदेशक तक के सभी समस्त उच्च पदों पर पशुचिकित्सा अधिकारी संवर्ग के अधिकारीगण पदस्थ है जिसमें से कुछ अधिकारीगण मिलकर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का आर्थिक, मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न करते हैं। वर्तमान में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रभात कुमार एवं उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ मानव द्वारा पद एवं अधिकारों के दुरुपयोग के कारण जनपद सीतापुर में पशुधन प्रसार अधिकारी कमलेश कुमार यादव पशु सेवा केन्द्र गुरपालिया का आर्थिक व मानसिक शोषण से बार-बार प्रताड़ित होने के कारण दिल का दौरा पड़ जाने से दिनाँक 30/07/22 को आकस्मिक देहांत हो गया। दिनांक 8 अप्रैल 2022 को जनपद सीतापुर के थाना खैराबाद में लगभग 135 गोवंश पकड़े गए, जिनकी चिकित्सा/टैगिंग किए जाने के लिए जिलाधिकारी द्वारा आदेशित किया गया संबंधित उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी के द्वारा बुलाए जाने पर कमलेश कुमार यादव मौके पर पहुंचकर अपने दायित्व का निर्वाहन किया। मगर संबंधित उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ मानव एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रभात कुमार महोदय ने षड्यंत्र कर घटना के दिनांक 08.04.22 से डेढ़ माह बाद दिनाक 19.05.22 को पत्र निर्गत कर मई माह का पूरा वेतन रोक दिया। जिसका स्पष्टीकरण दिए जाने के बाद भी वेतन नहीं निकाला गया। अपनी आर्थिक मंशा पूरी ना होने पर पुनः 23 जुलाई 2022 को शनिवार के दिन कमलेश कुमार यादव जी का निरीक्षण किया गया और जुलाई माह का भी वेतन रोके जाने का आदेश निर्गत कर दिया गया जबकि तत् दिनांक को शनिवार का दिन शासन द्वारा समस्त पशुधन प्रसार अधिकारियों का साप्ताहिक अवकाश निर्धारित है एवं जिला अधिकारी जनपद सीतापुर द्वारा कमलेश कुमार यादव की ड्यूटी बाढ़ नियंत्रण कक्ष में 01 जुलाई 2022 से 31 जुलाई तक लगी हुई थी ।

बार-बार पूरे माह का वेतन काटे जाने और आर्थिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित होने को कमलेश कुमार सहन नहीं कर पाए और उनका दिल का दौरा पड़ जाने से देहांत हो गया।

उपरोक्त इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद जनपद के अधिकारीगणों द्वारा अब भी शोषण नहीं रुका है। उपरोक्त घटनाक्रम की जांच किए जाने और दोषी अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने का पत्र जिलाधिकारी सीतापुर को पशुधन प्रसार अधिकारी संघ द्वारा निर्गत किए जाने पर पत्र में वर्णित किशोरीलाल पशुधन प्रसार अधिकारी को पत्र निर्गत कर दो पशु सेवा केंद्रों, 4 गोशालाओ के साथ-साथ 3 पशु चिकित्सालय का भी अतिरिक्त चार्ज लेने का आदेश निर्गत कर दबाव बनाया जा रहा है अन्यथा कठोर अनुशासनिक कार्यवाही की चेतावनी दी गई है जबकि किशोरी लाल पशुधन प्रसार अधिकारी का भी माह मार्च 2022 का वेतन बिना किसी निरीक्षण आख्या या पत्र के पूर्व में रोका गया है।

गौशालाओं की ड्यूटी से डर कर भाग रहे पशु चिकित्सा अधिकारी
वर्तमान में योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा संचालित गोवंश आश्रय स्थलों से पशुचिकित्सा अधिकारियों द्वारा अपने आप को बचाने के लिए पशुचिकित्सा अधिकारीगणों ने उच्चाधिकारियों से सांठगांठ कर समस्त गौशालाओं पर पशुधन प्रसार अधिकारियों की प्रत्येक दिन निरीक्षण कर पशु चिकित्सा, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, शव विच्छेदन आदि कार्यों के लिए 20 से 50 किलोमीटर दूर स्थित गौशाला में लगवाई जा रही है, पशु चिकित्सा, टीकाकरण, शव विच्छेदन आदि कार्य किए जाने का अधिकार केवल पशु चिकित्सा अधिकारियों के दायित्व में निहित है क्षेत्रों में पशुधन प्रसार अधिकारियों का मानसिक, आर्थिक व शारीरिक उत्पीड़न बढ़ता जा रहा है। जिस कारण समस्त पशुधन प्रसार अधिकारियों पर हो रहा उत्पीड़न चरम पर पहुंच गया है, जिससे क्षुब्ध होकर समस्त पशुधन प्रसार अधिकारियों द्वारा 01.07.22 से काली पट्टी बांधकर विरोध किया जा रहा है एवं 8 अगस्त 2022 को निदेशालय परिसर में पशुधन प्रसार अधिकारी संघ के कार्यकारिणी सदस्य आंदोलन करेंगे।