Thursday , September 29 2022

वित्तीय अनियमितता में नपे राजधानी के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने मातहतों को दिया कड़ा संदेश

विभाग में हो रही तरह-तरह की चर्चा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री पर्यटन एवं संस्कृति जयवीर सिंह ने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी लखनऊ अनुपम श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मातहतों को कड़ा संदेश दिया है, जिसके कई तरह के निहतार्थ निकाले जा रहे हैं। लोग विभाग में तरह-तरह की बातें भी बना रहे हैं। बहरहाल ही उन्होंने जता दिया है कि विभाग का जो भी अधिकारी और कर्मचारी उनकी बात नहीं मानेगा। उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी लखनऊ अनुपम श्रीवास्तव पर अनुशासनहीनता, अधीनस्थ कर्मियों पर शिथिल नियन्त्रण एवं वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाया गया है।

पर्यटन मंत्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने भ्रष्टाचार एवं अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेन्स की नीति अपनाई है। इसको दृष्टिगत रखते हुए विभाग में जो भी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही की जायेगी।
यह जानकारी पर्यटन मंत्री ने विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में देते हुए बताया कि महानिदेशक पर्यटन ने विगत 31 मार्च, 2022 को 10:15 बजे क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय लखनऊ का आकस्मिक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका के अवलोकन में 02 कार्मिक गयूर अहमद पर्यटन अधिकारी 01 जुलाई, 2021 तथा मुकुल वर्मा पर्यटन सूचना अधिकारी 01 फरवरी, 2022 से लगातार अनुपस्थित थे।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने गयूर अहमद पर्यटन अधिकारी, लखनऊ एवं मुकुल वर्मा पर्यटन सूचना अधिकारी, लखनऊ के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की, जो कि दोनों नियमानुसार मेडिकल अवकाश नहीं लिये थे। इनको मेडिकल चिकित्सा परिषद की संस्तुति के बिना कार्यभार ग्रहण कराते हुए इनका वेतन का भुगतान किया, जो शासकीय नियमों की अवहेलना एवं वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।

इसके अलावा अनुपम श्रीवास्तव क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी जनपद खीरी विधानसभा क्षेत्र पलिया के पौराणिक स्थल पाण्डेय बाबा मंदिर के पर्यटन विकास एवं सौन्दर्यीकरण संबंधी प्रस्ताव शासनादेशों की अनदेखी करते हुए शासन को अग्रसारित किये जाने के भी दोषी पाये गये। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत वित्त पोषित जनपद उन्नाव के बक्सर स्थित गेस्ट हाउस के निर्माण की परियोजना में मिट्टी भरान से पूर्व कन्टूर मैंप व मिट्टी की गणना का विवरण उपलब्ध न कराये जाने के भी दोषी पाये गये।