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सेसमी वर्कशॉप इंडिया ने ‘बिग फीलिंग्स एक्सप्लोरर्स’ सीरीज का किया लॉन्च

बच्चों को अपनी भावनाएं समझने, उनका सामना करने, मजबूत बनने और बुनियादी कौशल हासिल करने में मदद देने हेतु सेसमी वर्कशॉप इंडिया हिंदी यूट्यूब चैनल ने की नई पेशकश

नई दिल्ली। बीते 2 वर्ष बच्चों, बड़ों और परिवारों के लिए सामाजिक, भावनात्मक और यहां तक कि आर्थिक रूप से काफ़ी तनावपूर्ण रहे हैं। इस प्रकार के तनाव से जूझ रहे परिवारों को अपनी परिस्थितियों से बेहतर निपटने हेतु सेसमी वर्कशॉप इंडिया ने अपने हिंदी यू-ट्यूब चैनल पर ‘बिग फीलिंग्स एक्सप्लोरर्स’ नाम की एक नयी सीरीज़ पेश की है। सेसमी वर्कशॉप इंडिया एक शैक्षिक गैर-लाभकारी संस्था है, जो मौज-मस्ती के माध्यम से बच्चों की विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

‘बिग फीलिंग्स एक्सप्लोरर्स’ कम उम्र के बच्चों की सामाजिक और भावनात्मक जरूरतों को संबोधित करने पर केंद्रित है। सेसमी वर्कशॉप इंडिया हिंदी यूट्यूब चैनल पर अब विपरीत व्यक्तित्व वाले दो जिगरी दोस्त बासमा और जैड भी बच्चों को जीवन के फलसफे सिखाने वाले लोकप्रिय किरदार-एल्मो, चमकी, कुकी मॉन्सटर और ऐबी का साथ देते नजर आएंगे। यह सीरीज बासमा और जैड की कहानियाँ बयां करती है, जो अपने दोस्तों के साथ खेलते-कूदते, उदासी, निराशा और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक भावनाओं का कैसे सामना किया जाए, बच्चों को सरल तरीके से सिखाती है।

बासमा जहां छह साल का एक सहज और मिलनसार स्वभाव वाला किरदार है, जिसे नाचना-गाना पसंद है। वहीं, जैड पीले रंग का एक मपेट है, जो पेंटिंग करने की शौकीन है। जैड के पास उसके दादा का एक पेंट ब्रश है, जिससे वह उनकी याद में हमेशा चित्र बनाता है।

नयी सीरीज़ के बारे में बताते हुए सेसमी वर्कशॉप इंडिया की प्रबंध निदेशक, सोनाली खान ने कहा, ‘हम समझते हैं कि बच्चों को सामाजिक और भावनात्मक रूप से सुरक्षित महसूस कराना जरूरी है, ताकि उनमें जीवन के मुश्किल दौर से निपटने और उससे बाहर निकलने का कौशल विकसित हो सके। हमें यकीन है कि बासमा, जैड और उनके दोस्त ऐसा करने में मददगार साबित होंगे। वे न सिर्फ बच्चों की भावनाओं को प्रतिध्वनित करेंगे, बल्कि उन्हें इनसे निपटने की कला भी सिखाएंगे।’

‘बिग फीलिंग्स एक्सप्लोरर्स’ में 26 मजेदार और दिल को छू जाने वाली कहानियां शामिल हैं, जो बच्चों को अपने साथ जोड़ती हैं। इस सीरीज में बासमा और जैड गुस्सा, निराशा, ईर्ष्या और बेचैनी के साथ-साथ इन नकारात्मक भावनाओं को जन्म देने वाली परिस्थितियों के बारे में समझ सकते हैं। यह सीरीज बच्चों को श्वास क्रिया और खुद से बात करने (सेल्फ टॉक) जैसी गतिविधियों से, अपनी भावनाओं की पहचान करने और उन पर काबू कैसे पाया जाए सिखाती है।

बच्चों के विकास और सीखने की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर सकारात्मक बदलाव लाने के मकसद से सेसमी वर्कशॉप इंडिया साल 2020 से ही अपने हिंदी और तेलुगु यू-ट्यूब चैनल पर मज़ेदार कहानियां और वीडियो प्रसारित कर रहा है, जिन्हें चैनल के लॉन्च से लेकर आज तक 6.44 करोड़ से अधिक ‘व्यू’ हासिल हुए हैं। इसके साथ ही, यह संस्था आंगनवाड़ी केंद्रो, शहरी झुग्गी-झोपड़ियों और गांवों में भी काम कर रही है।

यू-ट्यूब चैनल पर उपलब्ध सामग्री और 11 राज्यों में ज़मीनी स्तर पर चल रहे सामुदायिक कार्यों के ज़रिये संस्था बच्चों को ऐसे शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध करा रही है, जिनकी उन्हें जीवन में सफलता अर्जित करने के लिए ज़रुरत है।
सेसमी वर्कशॉप इंडिया जल्द ही ‘बिग फीलिंग्स एक्सप्लोरर्स’ का तेलुगु संस्करण भी तैयार करेगी। तेलुगु संस्करण को 2022 के अंत तक स्थानीय दर्शकों के लिए उपलब्ध कराने की योजना है।