Wednesday , October 5 2022

मोदी युग में कांग्रेस न जीती मंडी की लोकसभा सीट

प्रतिभा सिंह ने भाजपा प्रत्याशी को 8766 मतों से हराया

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मंडी लोकसभा सीट कांग्रेस ने जीत ली है। यहां पार्टी प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह ने भाजपा कैंडिडेट और कारगिल वॉर के हीरो रिटायर्ड ब्रिगेडियर खुशहाल सिंह को 8766 वोटों से हराया। प्रतिभा सिंह को कुल 3 लाख 65 हजार 650 और ब्रिगेडियर खुशहाल सिंह को 3 लाख 56 हजार 884 वोट मिले।

मंडी संसदीय सीट के वोटों की गिनती में प्रतिभा सिंह सुबह से ही आगे चल रही थीं और 9 बजे तक उन्होंने भाजपा उम्मीदवार पर 3 हजार वोटों की बढ़त बना ली थी मगर 9.30 बजे भाजपा कैंडिडेट ब्रिगेडियर खुशहाल सिंह 4099 वोटों से आगे निकल गए। हालांकि वह अपनी लीड बरकरार नहीं रख सके तो आधे घंटे बाद ही फिर दूसरे नंबर पर पहुंच गए। उसके बाद प्रतिभा सिंह लगातार आगे बनी रहीं।

हालांकि उनकी लीड कभी भी 10 हजार के आंकड़े तक नहीं पहुंची। मंडी संसदीय सीट पर दोपहर 1.26 बजे तक प्रतिभा सिंह भाजपा उम्मीदवार से 8672 वोटों से आगे चल रही थीं और उसके बाद उन्हें 8766 वोटों से विजयी घोषित किया गया।

मतदान केंद्र के बाहर जुटे कांग्रेस समर्थक

मंडी संसदीय सीट पर बीती 30 अक्टूबर को हुए मतदान में कुल 7 लाख 42 हजार 771 वोटरों ने वोट दिए थे। इनमें से कांग्रेस की प्रतिभा सिंह को कुल 365650 वोट मिले। यह कुल वोटिंग का 49.23% रहा। इसी तरह भाजपा कैंडिडेट खुशहाल सिंह को कुल 356884 वोट मिले जो वोटिंग का 48.05% रहा। इस तरह यहां कांग्रेस ने भाजपा से 1.18% अधिक वोट लेकर जीत दर्ज की। मंडी संसदीय सीट पर उपचुनाव में 12626 वोटा NOTA को गए। अन्य प्रत्याशियों में अंबिका श्याम को 3578, मुंशीराम ठाकुर को 1211, अनिल कुमार को 1079 और सुभाष मोहन स्नेही को 1743 वोट मिले।

महंगाई का मुद्दा पड़ा भाजपा पर भारी

मंडी संसदीय क्षेत्र में आने वाली 17 विधानसभा सीटों में से 8 को भाजपा का गढ़ समझा जा रहा था। इसके बावजूद चुनाव प्रचार के दौरान युवा और लोग बढ़ती महंगाई से खफा दिखे और इसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ा। प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद काम न होने और बेरोजगारी से परेशान लोगों ने भी अपना गुस्सा इस उपचुनाव में कांग्रेस को वोट देकर निकाला। मंडी संसदीय क्षेत्र में आते 17 विधानसभा क्षेत्रों में 30 अक्टूबर को अपेक्षा के मुकाबले वोटिंग कम रहने के बाद से ही भाजपा की राह मुश्किल मानी जा रही थी। सियासी जानकारों के अनुसार, भाजपा का वोटबैंक समझा जाने वाला यूथ वोट डालने के लिए आगे ही नहीं आया।

भाजपा का सैनिक कार्ड फेल

कांग्रेस की रणनीति को फेल करने के लिए भाजपा ने यहां सैनिक कार्ड चला और कारगिल युद्ध के हीरो रहे ब्रिगेडियर खुशहाल सिंह को मैदान में उतारा। ब्रिगेडियर खुशहाल सिंह की यूनिट 18 ग्रेनेडियर ने ही कारगिल युद्ध के दौरान सबसे मुश्किल मानी जाने वाली चोटियों तोलोलिंग और टाइगर हिल पर भारतीय झंडा फहराया था। मंडी संसदीय हलके में पूर्व सैनिकों के अच्छे-खासे वोट हैं और भाजपा ने इन वोटों को अपने पक्ष में करने के लिए ही ब्रिगेडियर खुशहाल सिंह को मैदान में उतारा था। पार्टी की रणनीति कुछ हद तक सफल भी रही मगर उसे जीत नहीं मिल पाई।