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बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे : प्रधानमंत्री मोदी ने योगी सरकार की तारीफ की

लखनऊ।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के शुभारंभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से पहले उत्तर प्रदेश की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि खराब कानून व्यवस्था और खराब ‘कनेक्टिविटी’ यहां की सबसे बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कहा कि पहले जब मैं उत्तर प्रदेश आता था तो मुझे लगता था कि अगर इन दो चुनौतियों को दुरुस्त कर दिया जाये, तो उत्तर प्रदेश चुनौतियों को भी चुनौती दे सकता है। आज योगी राज में कानून व्यवस्था भी सुधरी है और कनेक्टिविटी भी बेहतर हुयी है।


प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर उत्तर प्रदेश, खासकर बुंदेलखंड में बच्चों के खिलौने बनाने की पारिवारिक एवं पारंपरिक परिपाटी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में खिलौने बनाना पारंपरिक व्यवसाय रहा है। मैंने खिलौना उद्योगों को नए सिरे से काम करने का आग्रह किया था। लोगों से भी भारतीय खिलौने खरीदने का आग्रह किया था।


उन्होंने कहा कि इस उद्योग को बढ़ावा देने के लिये सरकार के स्तर पर जो काम जरूरी थे, वो भी किये गये। इसका नतीजा ये निकाला कि पहले बच्चों के जो खिलौने विदेशों से आयात होते थे, आज विदेश से आने वाले खिलौनों की संख्या बहुत बड़ी मात्रा में कम हो गई है। साथ ही भारत से अब बड़ी संख्या में खिलौने विदेश में जाने लगे हैं।


उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से चित्रकूट से दिल्ली की दूरी तो 3-4 घंटे कम हुई ही है, लेकिन इसका लाभ इससे भी कहीं ज्यादा है। ये एक्सप्रेस वे यहां सिर्फ वाहनों को गति नहीं देगा, बल्कि ये पूरे बुंदेलखंड की औद्योगिक प्रगति को गति देगा। मोदी ने कहा कि उप्र अब नए संकल्पों को लेकर तेज गति से दौड़ने के लिए तैयार हो चुका है। यही सबका साथ है, सबका विकास है। कोई पीछे न छूटे, सब मिलकर काम करें, इसी दिशा में डबल इंजन की सरकार लगातार काम कर रही है। उप्र के छोटे-छोटे जिले, हवाई सेवा से जुड़ें, इसके लिए भी तेजी से काम किया जा रहा है।


प्रधानमंत्री मोदी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के पास स्थित छोटे बड़े पुराने किलों का जिक्र करते हुए योगी सरकार से आग्रह किया कि वे इस एक्सप्रेस वे को इस इलाके के पर्यटन से जोड़ें। मोदी ने कहा कि इस एक्सप्रेस वे के बगल में जो स्थान हैं, वहां बहुत सारे किले हैं। यूरोप के बहुत सारे देशों में किले देखने का बहुत बड़ा पर्यटन उद्योग चलता है। मैं आज योगी जी की सरकार से कहूंगा कि अब बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बनने के बाद आप भी इन किलों को देखने के लिए एक शानदार टूरिज्म सर्किट बनाइये।
उन्होंने उप्र में विकास की गति राह में आ रहे बदलाव का भी उल्लेख किया। मोदी ने कहा कि पहले की सरकार के समय उप्र में हर साल औसतन 50 किमी रेल लाइन का दोहरीकरण होता था, आज औसतन 200 किमी रेल लाइन का दोहरीकरण हो रहा है। उप्र में 2014 से पहले सिर्फ 11,000 कॉमन सर्विस सेंटर थे, आज यूपी में 1.30 लाख से ज्यादा कॉमन सर्विस सेंटर काम कर रहे हैं। एक समय में सिर्फ प्रदेश में 12 मेडिकल कॉलेज थे, आज उप्र में 35 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज हैं और 14 नए मेडिकल कॉलेज का काम चल रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली सरकारों में काम करने के तरीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस उप्र में सरयू नहर परियोजना पूरा होने में 40 साल लगे, गोरखपुर खाद कारखाना 30 साल बंद रहा, अर्जुन सागर बांध 12 साल विलंबित रहा और रायबरेली के कारखानों में सिर्फ बोर्ड लगा था, वही उप्र अब औद्योगिक विकास में अन्य राज्यों को पीछे छोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब बात सिर्फ हाईवे या एयर वे की नहीं है, बल्कि अब शिक्षा और कृषि सहित हर क्षेत्र में उप्र आगे बढ़ रहा है।


मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की नीयत और दृष्टि बिल्कुल साफ है। उन्होंने कहा कि विकास की जिस धारा पर आज देश चल रहा है उसके मूल में दो पहलू हैं। एक है इरादा और दूसरा है मर्यादा। हम देश के वर्तमान के लिए नई सुविधाएं ही नहीं गढ़ रहे बल्कि देश का भविष्य भी गढ़ रहे हैं। हम 21वीं सदी के नये भारत के निर्माण में जुटे हैं। विकास के लिये हमारी प्रतिबद्धता ऐसी है, कि हम समय की मर्यादा टूटने नहीं देते हैं।

मोदी ने कहा कि हम समय की मर्यादा का पालन कैसे करते हैं, इसके अनगिनत उदाहरण उप्र में ही हैं। काशी में विश्वनाथ धाम के सुंदरीकरण का काम हमारी ही सरकार ने ही शुरू किया और हमारी ही सरकार ने पूरा किया। गोरखपुर एम्स का शिलान्यास भी हमारी सरकार ने किया और उसका लोकार्पण भी हमारी सरकार में हुआ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का शिलान्यास और लोकार्पण दोनों हमारी सरकार में हुआ। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे भी इसी का उदाहरण है। इसका काम अगले साल फरवरी में पूरा होना था, लेकिन ये 7-8 महीने पहले ही सेवा के लिए तैयार है।


उन्होंने कहा कि हम कोई भी फैसला लें, निर्णय लें, नीति बनाएं, इसके पीछे सबसे बड़ी सोच यही होनी चाहिए कि इससे देश का विकास और तेज होगा। हर वो बात, जिससे देश को नुकसान होता है, देश का विकास प्रभावित होता है, उसे हमें दूर रखना है।
इस दौरान उन्होंने देशवासियों से आजादी के अमृत महोत्सव का जिक्र करते हुए 15 अगस्त तक अगले एक महीने हर गांव में स्वतंत्रता का पर्व मनाये जाने की भावुक अपील भी की। उन्होंने कहा कि मैं आप सबको याद दिलाना चाहता हूं कि 15 अगस्त तक पूरे महीने, हिंदुस्तान के हर घर और हर गांव में आजादी का अमृत महोत्सव मनना चाहिए और शानदार तरीके से मनना चाहिए।”
मोदी ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद देश को विकास का यह सबसे बेहतर मौका मिला है। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया, हमें इस अवसर को गंवाना नहीं है। नया भारत बनाना है। नये भारत के सामने ऐसी चुनौती भी है, जिसका अगर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य अंधकार में चला जायेगा।


उन्होंने विकास को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए कहा कि देश का संतुलित विकास भी देश में सामाजिक न्याय का मार्ग प्रशस्त करता है। मोदी ने कहा कि छोटे बड़े शहरों का संतुलित विकास एक तरह का सामाजिक न्याय ही है। हर गांव को सड़क से जोड़ना, गरीबों को पक्के घर और शौचालय जैसी सुविधायें देना सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करता है।