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एक बार उपयोग होने वाले प्लास्टिक पर एक जुलाई से बैन

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार एक जुलाई से एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लागू करने के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित करेगी। यह नियंत्रण कक्ष इस तरह के प्लास्टिक के अवैध निर्माण, आयात, भंडारण , वितरण और बिक्री पर निगरानी रखेंगे।

पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को किसी भी प्रतिबंधित एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के अन्तर्राज्यीय आदान प्रदान को रोकने के लिए सीमा चौकिया स्थापित करने को कहा गया है।

मंत्रालय ने कहा कि सभी देशों में एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के कारण प्रदूषण से निपटना एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्लास्टिक के उपयोग से समुद्री पर्यावरण, स्थलीय और जलीय पारिस्थितिक तंत्र दोनों पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों को विश्व स्तर पर स्वीकार किया गया है। इसी के मद्देनजर सरकार ने एक बार ही काम में आने वाले प्लास्टिक के प्रदूषण को कम करने के लिए यह कदम उठाया है।

प्रतिबंधित की वस्तुओं की सूची में प्लास्टिक की बड्स, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की सीख, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी की छड़ें, आइसक्रीम स्टिक, सजावट के लिए पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकोल), प्लास्टिक की प्लेट, कप, गिलास, कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू आदि शामिल हैं। इसके अलावा स्ट्रॉ, ट्रे, रैपिंग या पैकेजिंग फिल्म मिठाई के बक्से, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट और प्लास्टिक या पीवीसी बैनर जो 100 माइक्रोन से कम है। इस संबंध में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन संशोधन नियम, 2021 और 2022 के तहत व्यापक दिशा निर्देश जारी किये जा चुके है।