Tuesday , September 27 2022

Australia की महिला क्रिकेट टीम बनी विश्व विजेता

क्राइस्टचर्च। अलिसा हीली (170) के जबरदस्त शतक से Australia ने महिला क्रिकेट में अपना दबदबा साबित करते हुए पिछले विजेता इंग्लैंड को रविवार को एकतरफा अंदाज में 71 रन से हराकर आईसीसी महिला विश्व कप चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलिया सातवीं बार विश्व चैंपियन बना है। ऑस्ट्रेलिया ने 1978, 1982, 1988, 1997, 2005, 2013, 2022 में यह खिताब जीता है।
Australia ने 50 ओवर में पांच विकेट पर 356 रन का विशाल स्कोर बनाने के बाद इंग्लैंड को 43.4 ओवर में 285 रन पर समेट दिया। इंग्लैंड की तरफ से नताली सीवर ने नाबाद 148 रन की शानदार शतकीय पारी खेली लेकिन उन्हें बाकी बल्लेबाजों से कोई सहयोग नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से अलाना किंग और जेस जोनासन ने तीन-तीन विकेट लिए। अलिसा हीली को प्लेयर ऑफ द मैच के साथ साथ टूर्नामेंट में 509 रन बनाने के लिए player of the series का भी पुरस्कार दिया गया। हीली की रिकॉर्ड तोड़ 170 रन की पारी ने सीवर की नाबाद शतकीय पारी को बेकार कर दिया। इसकी बदौलत ऑस्ट्रेलियाई टीम ने सातवां विश्व कप ख़िताब जीता। वह पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपराजेय रही। हीली ने 138 गेंदों में 170 रन की पारी खेली, जिसकी बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 357 रन का विशाल लक्ष्य दिया। नाबाद 148 रन की पारी खेल सीवर ने इंग्लैंड की हार को टालने की एकाकी कोशिश की, लेकिन यह कोशिश अंत में नाकाफ़ी साबित हुई। हीली ने पिच के चारों तरफ़ शॉट लगाए और अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर खड़ा किया। यह इस टूर्नामेंट और किसी भी विश्व कप फ़ाइनल का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। हीली ने अपनी साथी सलामी बल्लेबाज़ रेचल हेंस (68) के साथ पहले विकेट के लिए 160 रन की साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने बेथ मूनी (62) के साथ भी 156 रन जोड़े। इस प्रयास के बाद इंग्लैंड को एक विश्व रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करना था। इंग्लैंड की शुरुआत ख़राब रही और उन्होंने 38 रन के भीतर ही अपने सलामी बल्लेबाज़ों को गंवा दिया।

दोनों को मेगन शूट ने पवेलियन भेजा। बीच में कप्तान हेदर नाइट ने कुछ संघर्ष दिखाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी अलाना किंग ने 26 रन के स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। दूसरे छोर से इसके बाद लगातार विकेट गिरते रहे, लेकिन शिवर ने एक छोर संभाले रखा और 15 चौके और एक छक्के की मदद से 121 गेंदों में 148 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने रन रेट को भी बनाए रखा, लेकिन एक छोर से विकेट गिरते रहने के कारण लक्ष्य लगभग असंभव सा था। बीच में हीली की सोफ़िया डंकली (22) के साथ 50 रन की साझेदारी हुई। लेकिन किंग ने डंकली को एक बेहतरीन लेग स्पिन से बोल्ड आउट कर इस साझेदारी का अंत कर दिया। इसके बाद किंग ने कैथरीन ब्रंट को आउट कर अपनी तीसरी सफलता हासिल की। इसके बाद मैच में महज़ औपचारिकता ही बची थी। जेस जॉनासन ने अंतिम में दो विकेट चटकाकर इस औपचारिकता को पूरा किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम ने रिकॉर्ड 356 रन बनाए थे।

यह women’s cricket world cup के फाइनल में सबसे बड़ा स्कोर था। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम कुछ खास नहीं कर पाई और पांचवीं बार विश्व विजेता बनने से रह गई। इंग्लैंड को चौथी बार महिला विश्व के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा है। हर बार ऑस्ट्रेलिया ने ही उसे मात दी है। इससे पहले 1978, 1982 और 1988 में लगातार तीन बार ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को महिला विश्व कप के फाइनल में हराया था। सीवर ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंद में 148 रन बनाए और एक छोर पर नाबाद रहीं। इस दौरान उनके बल्ले से 15 चौके और एक छक्का निकला। सीवर इंग्लैंड को यह मैच जिता सकती थीं, लेकिन दूसरे छोर पर किसी बल्लेबाज ने उनका साथ नहीं दिया। 27 रन बनाने वाली बेमाउंट इंग्लैंड के लिए दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं।

सीवर विश्व कप फाइनल में तीसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। वो Adam Gilchrist का रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गईं, जिन्होंने 2007 में 149 रन बनाए थे। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शानदार शुरुआत की। अलिसा हीली और रेचल हेंस ने पहले विकेट के लिए 160 रन जोड़े। यह विश्व कप फाइनल में सबसे बड़ी साझेदारी थी। इसके बाद हीली ने मूनी के साथ 156 रन की साझेदारी की। विश्व कप फाइनल में यह दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी थी। हीली ने रिकॉर्ड 170 रन बनाए। वहीं हेंस ने 68 और मूनी ने 62 रन की पारी खेली। अंत में पेरी ने 17 रन बनाकर अपनी टीम का स्कोर निर्धारित 50 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 356 रन बनाए। England के लिए श्रुबसोल ने तीन विकेट झटके। वहीं एक्लेस्टन को एक विकेट मिला। हालांकि, इंग्लैंड के गेंदबाज पहले 29 ओवर तक कोई विकेट नहीं ले पाए और दूसरा विकेट भी 46वें ओवर में लिया। इसी वजह से Australia की टीम बड़ा स्कोर बनाने में सफल रही।