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निराश” गठबंधन को “अकेला” बनाने के लिए बिन बुलाए मेहमान बन रहे अखिलेश : स्वाती सिंह

लखनऊ। एक गरीब परिवार के व्यक्ति को गरीबों का कल्याण करते हुए राहुल नहीं देख सकते। यहां विपक्ष के पास जब मुद्दा नहीं रह गया तो सब भ्रष्टाचारी दल के नेता मिलकर नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बावजूद यह “निराश केला” अर्थात नीतिश, राहुल, शरद, केजरीवाल और लालू कभी इमानदार व राष्ट्र के प्रति समर्पित नेता नरेन्द्र मोदी से नहीं लड़ पाएगा। ये बातें उप्र सरकार की पूर्व मंत्री स्वाती सिंह ने कही।

स्वाती सिंह ने कहा कि वृक्ष में केला और जंतु में बिच्छू यही दो ऐसे इस जगत में जीव हैं, जो जन्म लेते ही अपनी माता को ही मार देते हैं। यही कारण है कि केला की पूजा तो की जाती है, लेकिन उसे कभी दरवाजे पर नहीं लगाया जाता। यह ख्याल रखा जाता है कि उसकी जड़े हमारे मंडप में न पड़े। यही स्थिति इन विपक्षी पार्टियों की भी हैं। यह एक भ्रष्टाचार का गठबंधन है, जिसमें अखिलेश का जुड़ना केला से अकेला कर देता है और जनता इन्हें अकेला ही करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि इसी बीच जनता और अन्य पार्टियों दूर हो चुके अखिलेश यादव ने भी बिन बुलाए मेहमान बनने की कोशिश में जुट गये हैं, लेकिन इनके जाते ही यह “केला” की जगह अकेला गठबंधन हो जाएगा। अर्थात नितीश, राहुल, शरद पवार, अखिलेश, केजरीवाल और लालू इन सभी को पहले अक्षर को लेंगे तो निराश अकेला बनता है। जो व्यक्ति अपने पिता का नहीं हुआ, अपने चाचा को हर कदम पर धोखा दिया। वह भला आम जनता और दूसरे दलों के साथ कैसे रह सकता है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव जब भी किसी के साथ गये, उसकी मिट्टी पलीत कर दिये। पहले कांग्रेस से उन्होंने गठबंधन किया आज उप्र में कांग्रेस मृत प्राय हो गयी। पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा के साथ गठबंधन कर बुआ और भतीजा की जोड़ी कहला रही थी। कभी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाली मायावती के पार्टी की आज विधानसभा में मात्र एक विधायक हैं।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के विपक्षी गठबंधन में जाने का मतलब है, वह पूरा गठबंधन अकेला हो जाएगा। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की भी स्थिति इसी से देखी जा सकती है कि प्रियंका यूपी के पूरे विधानसभा में पूरे विपक्ष से ज्यादा सक्रिय रहीं और सीटें जीत पाई दो। विधानपरिषद में कांग्रेस शून्य हो गयी।