Wednesday , October 5 2022

बिकाऊ नहीं आप के विधायक, सरकार बनाने के मिशन में भाजपा हुई फेल : संजय

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)-प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का इस्तेमाल कर महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और गोवा में विधायक तोड़ कर सरकार बनाई लेकिन दिल्ली में भाजपा का यह प्रयोग पूरी तरह से विफल हो गया है।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के ख़ुलासे के बाद पूरी की पूरी भारतीय जनता पार्टी सदमे में है। उसके पास कोई जवाब नहीं है। भाजपा द्वारा महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बंगाल और गोवा सहित पूरे देश में विपक्षी सरकारों को गिराने, विधायक खरीदने और तोड़ने का जो सिलसिला चल रहा था, उसमें उनका सबसे बड़ा हथियार सीबीआई और ईडी था। वही प्रयोग वह दिल्ली में करना चाहते थे। वह प्रयोग पूरी तरीक़े से फ़ेल साबित हुआ।

उन्होंने कहा कि यह वही भाजपा है जिसने नारद स्टिंग ऑपरेशन के ज़रिये मुकुल राय का भ्रष्टाचार खोलने की बात की। पूरे देश में हंगामा किया और कहने लगे कि नारद स्टिंग ऑपरेशन से मुकुल राय का भ्रष्टाचार खोल दिया। उस भ्रष्टाचार में जो-जो लोग शामिल थे, वह सारे के सारे मुकुल राय के साथ भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद शारदा घोटाला और मुकुल राय का भ्रष्टाचार ख़त्म हो गया। उनको भाजपा ने अपनी पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया। दूसरा हेमंत बिश्व शर्मा का वाटर घोटाला सामने आया। उस वाटर घोटाले में अमेरिका तक में चार्जशीट लगी। असम की उस समय की भारतीय जनता पार्टी के लोग आज मुंह दिखाने लायक नहीं हैं। तब वह बीजेपी के नेता बुकलेट जारी कर कह रहे थे कि इसमें हेमंत बिश्व शर्मा के वाटर घोटाले के भ्रष्टाचार की पूरी कहानी लिखी हुई है। भाजपाइयों ने कहा कि अब कोई चिंता की बात नहीं है। हमारे साथ आओ हम तुम्हें मुख्यमंत्री बनाएंगे। वह हेमंत विश्व सरमा कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। आज असम के मुख्यमंत्री हैं। महाराष्ट्र चुनाव में अजीत पवार को देवेंद्र फडनवीस कहते थे कि पवार साहब चक्की पीसींग-पीसींग, उनका बहुत बड़ा भ्रष्टाचार है। लेकिन चुनाव के बाद चोरी चोरी चुपके चुपके फिल्म के सीन की तरह सुबह साढ़े छह बजे देवेंद्र फडनवीस और अजीत पवार गए और शपथ लेकर आ गए। इसके अलावा नारायण राणे के खिलाए बाकायदा ज़मीन घोटाले का मामला चल रहा था। उनको अपने साथ तोड़ कर लाए और उनकी पार्टी का विलय कर लिया। उनको पहले राज्य सभा का सांसद बनाया और फिर देश का मंत्री बना दिया। भाजपा के साथ जो लोग आ जाते हैं, वह तुरंत ईमानदार हो जाते हैं। उनकी ईडी-सीबीआई की जांच बंद हो जाती है। उनका भ्रष्टाचार ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

आप के वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा हज़ारों करोड़ के माइनिंग घोटाले के भ्रष्टाचार में फंसे। उनको पार्टी से निकाल कर बाहर कर दिया गया। बाद में उनको लाकर मुख्यमंत्री बना दिया गया। व्यापम घोटाला में शिवराज सिंह की सरकार सिर्फ फंसी ही नहीं, बल्कि घोटाले को लेकर कई लोगों ने आत्महत्या की। लेकिन व्यापम घोटाले में 2017 में शिवराज सिंह की सरकार को पूरी तरीक़े से क्लीन चिट दे दी गई।

उन्होंने कहा कि उनको मालूम नहीं है यह आंदोलन के कोख से निकली हुई पार्टी है। यहां ऐसे भाजपाइयों के प्रयास कभी सफल होने वाले नहीं है। एक बार इनके नेता ने प्रयास किया था। हमारे विधायक दिनेश मोहनिया ने खुद ही उस बीजेपी के नेता की स्टिंग ऑपरेशन कर लिया था। जिसमें पैसे और पद देने की बात कह रहा था। ये आम आदमी पार्टी के नेता टूटने वाले नहीं हैं। तुम्हारी किसी भी बंदर घुड़की में फंसने वाले नहीं हैं। इसलिए इस प्रकार का प्रयास मत करो। तुम्हारी फर्जी और झूठी कार्रवाईयों को पूरा देश देख रहा है और समय आने पर जवाब देगा।